– सिरगिट्टी हाईस्कूल के कमरों में घुसा बाढ़ का पानी, नगपुरा पुल से गांवों का संपर्क टूटा 20 दिन में दूसरी बार बच्चों की पढ़ाई पर संकट।
– पुल कि जर्ज़र स्थिति सीएम हेल्पलाइन पर कॉल बावजूद कोई कार्रवाई नहीं।
बिलासपुर! बारिश शुरू होते ही सिरगिट्टी का गोकने नाला एक बार फिर कहर बरपाने लगा है ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नतीजा यह है कि सिरगिट्टी हाईस्कूल का पूरा परिसर दोबारा पानी में डूब गया है और स्कूल के कमरों तक नाले का पानी पहुंच गया है। वहीं देवारपारा मोहल्ला और नगपुरा पुल भी बाढ़ की चपेट में हैं हालात देखकर बच्चों से लेकर शिक्षकों तक के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। गोकने नाला हर बरसात में उफनता है स्कूल डूबता है, पुल डूबता है, रास्ते बंद होते हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचते हैं, समाधान की बातें होती हैं, लेकिन बारिश खत्म होते ही समस्या भी फाइलों में दब जाती है। अब सवाल सिर्फ पानी भरने का नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और करोड़ों की सरकारी योजनाओं की उपयोगिता का है। जब समस्या हर साल सामने आ रही है तो स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं किया जा रहा है आखिर क्या वजह थी कि इस स्कूल को गड्ढे से निकाल कर गड्ढे मे डाल दी गई।

(20 दिन में दूसरी बार स्कूल डूबा)
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बच्चों को हर साल बाढ़ की सजा कब तक मिलेगी महज 20 दिन पहले भी गोकने नाला उफनने से स्कूल में पानी घुस गया था। कक्षाओं में रखा फर्नीचर पानी में भीग गया था और बच्चों की पढ़ाई करीब 15 दिनों तक प्रभावित रही थी। अब फिर वही तस्वीर सामने है स्कूल के कमरों में पानी भरने से एक बार फिर पढ़ाई ठप होने की आशंका बढ़ गई है।



(लाखों की रिटर्निंग वॉल.फिर भी स्कूल में पानी)
स्कूल को गोकने नाले के पानी से बचाने के लिए नगर निगम ने रिटर्निंग वॉल का निर्माण कराया, लेकिन मौजूदा हालात इस निर्माण की उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार बनाने के बाद भी नाले का पानी स्कूल में पहुंच रहा है और स्कूल परिसर में जमा पानी की निकासी तक नहीं हो पा रही है। यानी जिस व्यवस्था पर सरकारी राशि खर्च कर स्कूल को बाढ़ से बचाने का दावा किया गया, वही व्यवस्था आज सवालों के घेरे में है न पानी रुक रहा है, न पानी निकल रहा है और बच्चों की पढ़ाई फिर पानी में डूब रही है।
(पिछले साल पानी में बैठकर हुई थी परीक्षा)
गोकने नाले की बाढ़ कोई पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष भी स्कूल परिसर में पानी भर गया था। यहां तक कि आबकारी विभाग की परीक्षा तक पानी से घिरे स्कूल में तख्ती लगाकर करानी पड़ी थी। उस समय जिला कलेक्टर और विधायक भी मौके पर पहुंचे थे। नाले की दिशा मोड़ने को लेकर सहमति बनी थी और लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब समस्या का स्थायी समाधान होगा।
लेकिन समय बीत गया, बारिश फिर लौट आई और समस्या वहीं की वहीं खड़ी है।
(नगपुरा पुल पर कमर से ऊपर पानी)
उधर गोकने नाले का पानी नगपुरा पुल के ऊपर से खतरनाक तरीके से बह रहा है। पानी का स्तर कमर से भी ऊपर पहुंच गया है। कुछ दिन पहले आई बाढ़ में पुल की रेलिंग तेज बहाव में बह चुकी है पुल पहले से जर्जर है और अब ऊपर से तेज बहाव ने खतरा और बढ़ा दिया है। पानी बढ़ने के कारण शहर से कई गांवों का संपर्क टूट गया है रोजाना काम के लिए आने-जाने वाले लोगों के साथ सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित स्कूलों में जाने वाले कई बच्चे पुल पर पानी होने के कारण स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।

