कहा- पद छोड़ा है, लेकिन पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों की आवाज उठाने का संघर्ष जारी रहेगा
छत्तीसगढ़ बिलासपुर । छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बिलासपुर संभाग कार्यकारी अध्यक्ष एवं संविधान संशोधन समिति के सदस्य कमल सोनी ने चेम्बर की कार्यप्रणाली और संविधान में मौजूद कथित असंतुलित व्यवस्थाओं पर गंभीर असहमति जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति या क्षेत्र के विरोध के बजाय संगठन में समान प्रतिनिधित्व और संतुलित नेतृत्व की व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में सिद्धांत आधारित निर्णय बताया है।

कमल सोनी का कहना है कि वे लंबे समय से चेम्बर के संविधान में संशोधन, नेतृत्व में संतुलन तथा प्रदेश के सभी संभागों के व्यापारियों को समान प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 अगस्त को प्रस्तावित कार्यकारिणी बैठक के एजेंडे में संविधान संशोधन और बिलासपुर के व्यापारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए थे, लेकिन बाद में इन मुद्दों को एजेंडे से हटा दिया गया।
👉धारा 15 को लेकर उठाए सवाल
सोनी ने चेम्बर के संविधान की धारा 15 में प्रमुख पदों को लेकर निर्धारित पात्रता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए रायपुर एवं नया रायपुर क्षेत्र से संबंधित पात्रता की व्यवस्था प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को समान अवसर से वंचित करती है।
उन्होंने कहा कि जब चेम्बर पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है तो उसके सर्वोच्च नेतृत्व में भी प्रदेश के सभी संभागों और क्षेत्रों को समान अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए।
👉बिलासपुर को स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल करने की मांग
कमल सोनी ने बिलासपुर को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में शामिल किए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि बिलासपुर प्रदेश का प्रमुख व्यापारिक और व्यावसायिक केंद्र है। यहां हाईकोर्ट, रेलवे जोन सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान और औद्योगिक गतिविधियां हैं। ऐसे में बिलासपुर को SCR के दायरे में शामिल करने से क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मांग को चेम्बर स्तर पर अपेक्षित गंभीरता से शासन तक नहीं पहुंचाया गया।
👉इंडस्ट्रियल पार्क की जरूरत
सोनी ने बिलासपुर में इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग में बिजली, कोयला, रेलवे, लाइमस्टोन और पानी जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के साथ हाईकोर्ट एवं अन्य प्रमुख संस्थान मौजूद हैं। इसके बावजूद क्षेत्र की औद्योगिक संभावनाओं का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उनका कहना है कि स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों की मांगों को प्रभावी तरीके से शासन तक पहुंचाया जाए तो बिलासपुर संभाग में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
👉औद्योगिक पलायन पर जताई चिंता
कमल सोनी ने कहा कि क्षेत्रीय आवश्यकताओं और मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने के कारण पिछले करीब 10 वर्षों में बिलासपुर सहित प्रदेश के अन्य संभागों से उद्योगों का रायपुर और आसपास के क्षेत्रों की ओर पलायन बढ़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश के सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व और विकास के अवसर नहीं मिले तो आर्थिक एवं औद्योगिक असंतुलन और बढ़ेगा।
👉’पद से अलग हुआ हूं, उद्देश्य से नहीं’
कमल सोनी ने कहा कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्ति या किसी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पद छोड़ा है, लेकिन पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, “मैंने पद से त्यागपत्र दिया है, लेकिन अपने उद्देश्य से नहीं। बिलासपुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी संभागों के व्यापारियों एवं व्यवसायियों की आवाज को मजबूती प्रदान करने का प्रयास जारी रहेगा। समान नेतृत्व, समान प्रतिनिधित्व और संतुलित आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।”
उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए है और उद्देश्य चेम्बर को प्रदेश के सभी क्षेत्रों की समान एवं प्रभावी आवाज बनाने का है।

