– रेलवे अधिकारी बनकर किया संपर्क, डीआरएम का लोगो देखकर झांसे में आया पीड़ित; करीब 3 लाख रुपए की ठगी का अंदेशा।
बिलासपुर। रेलवे से सेवानिवृत्त हुए एक सीनियर रेलवे टेक्निशियन को साइबर ठगों ने रेलवे अधिकारी बनकर ऐसा झांसा दिया कि उनके बैंक खाते से लाखों रुपए पार हो गए। ठगों ने पहले वेतन और मेडिकल बीमा से जुड़ी जानकारी देने के नाम पर बातचीत की और बाद में मोबाइल पर एक लिंक भेजकर कथित रेलवे ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप में रेलवे डीआरएम का लोगो देखकर पीड़ित को भरोसा हो गया और वे ठगों के बताए अनुसार प्रक्रिया पूरी करते चले गए। इसके बाद खाते से लगातार अलग-अलग ट्रांजेक्शन होने लगे। मामला शांतिविहार, महमंद निवासी वी. भीमाराव पिता स्व. वी. पोत राजू (60) का है। वे 30 अगस्त को रेलवे से सेवानिवृत्त हुए हैं। पीड़ित के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद उनके मोबाइल पर कथित तौर पर रेलवे अधिकारी बनकर फोन आया। बातचीत के दौरान ठगों ने वेतन सहित मेडिकल बीमा से संबंधित जानकारी देने की बात कही। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा गया और उसे रेलवे का ऐप बताते हुए डाउनलोड करने कहा गया।

(डीआरएम का लोगो देखकर बढ़ा भरोसा)
पीड़ित ने बताया कि भेजे गए ऐप में रेलवे डीआरएम का लोगो दिखाई दे रहा था, जिससे उन्हें यह वास्तविक रेलवे ऐप होने का भरोसा हो गया। ठगों के निर्देश के अनुसार वे ऐप पर प्रक्रिया पूरी करते गए। इसी दौरान उनके मोबाइल पर बैंक खाते से राशि निकलने के लगातार मैसेज आने लगे। जब तक उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब तक कई बार ट्रांजेक्शन हो चुके थे।
(स्टेटमेंट निकलने के बाद सामने आएगी पूरी रकम)
पीड़ित के मुताबिक खाते से अनगिनत बार ट्रांजेक्शन हुए हैं। फिलहाल उन्हें कुल कितनी राशि निकली है, इसकी सटीक जानकारी नहीं है। बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद ही वास्तविक रकम का पता चल सकेगा। प्रारंभिक तौर पर करीब तीन लाख रुपए की ठगी का अंदेशा जताया जा रहा है। पीड़ित ने मामले की सूचना तोरवा थाना में दी है।
👉 साइबर ठगी का नया तरीका: रेलवे कर्मचारी और पेंशनभोगियों को निशाना बनाने के लिए ठग फर्जी पहचान, सरकारी लोगो और नकली ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे किसी भी लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है।

