सकरी थाना क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात, एनएच-130 के दलदलिहापारा बस स्टॉप के पास मिला सुराग

बिलासपुर। किन्नर समाज में प्रचलित गुरु-चेला परंपरा को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। सकरी थाना क्षेत्र में एक किन्नर की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी किन्नर रिया उर्फ राकेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने गुरु-चेला विवाद के चलते हत्या करना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक तन्नू खान, किन्नर वर्षा जान और मीरा उर्फ आशीष आपस में गुरु-भाई थे। वर्षा जान 17 जुलाई को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची थी, जिसे तन्नू ने पुराने बस स्टैंड स्थित एक होटल में ठहराया था। 20 जुलाई को तीनों मीरा के जोकी स्थित घर पहुंचे। इसी दौरान रास्ते में रिया भी उनके साथ हो गया।
बताया गया कि सभी ने एक साथ बैठकर शराब पी और मछली खाई। इसी दौरान गुरु-चेला परंपरा को लेकर तन्नू और रिया के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। तन्नू द्वारा रिया को गुरु बनाने और परंपरा के अनुसार आर्थिक योगदान देने की बात कहे जाने पर रिया ने इसका विरोध किया। उसने खुद को किसी का चेला मानने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद मीरा और वर्षा ने दोनों को समझाने का प्रयास किया। यहां तक कि तालापारा निवासी वरिष्ठ किन्नर राजा से फोन पर भी समझाइश दिलाई गई, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ।
इसके बाद तन्नू और रिया पैदल ही तालापारा की ओर निकल गए। देर रात तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर साथियों ने तलाश शुरू की। तन्नू का मोबाइल भी बंद मिलने से संदेह गहराया। पुलिस ने जांच शुरू कर संदेह के आधार पर रिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि गुरु-चेला विवाद के दौरान उसने एनएच-130 स्थित दलदलिहापारा बस स्टॉप के पास तन्नू का गला दबाकर हत्या कर दी।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का मोबाइल, चप्पल, चार्जर सहित अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

