जमानत के लिए कथित तांत्रिक के कहने पर पहुंचने का दावा, ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़ा, तीन फरार
मरी मछली, नींबू, सिंदूर, नारियल समेत पूजा सामग्री बरामद; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
बिलासपुर। जिले के ग्राम देवरी स्थित मुक्तिधाम में शुक्रवार 7 अगस्त की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने श्मशान घाट में चार युवकों को संदिग्ध तरीके से पूजा-पाठ करते देखा। मौके पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा सहित दो अन्य लोगों की तस्वीरें रखी हुई थीं। ग्रामीणों को संदेह हुआ तो उन्होंने निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद ग्रामीणों के एकजुट होकर मौके पर पहुंचते ही चारों युवक भागने लगे। पीछा करने पर ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर, नारियल सहित तंत्र-साधना में इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सामग्री मिली है। घटनास्थल और पूछताछ से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

👉’जज को ही मारना चाहते हो क्या?’-पुलिस के सवाल पर युवक का जवाब
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी युवक से सवाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर पूछा जाता है-“जज को ही मारना चाहते हो क्या?” इस पर युवक जवाब देता है कि वह पढ़ा-लिखा है और इस तरह का काम नहीं करता। हालांकि, पुलिस पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता और युवक की भूमिका की जांच कर रही है।
👉जमानत के लिए तंत्र-साधना कराने का दावा
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए युवक की पहचान ऋषिकेश कुमार, निवासी राजकिशोर नगर, बिलासपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए एक व्यक्ति के संपर्क में आया था, जिसे कथित तांत्रिक बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी व्यक्ति ने श्मशान घाट में तंत्र-साधना कराने की सलाह दी थी।
बताया जा रहा है कि ऋषिकेश का रिश्तेदार प्रियांशु चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद है और उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लंबित है। इसी मामले में जमानत मिलने की उम्मीद में कथित तौर पर चीफ जस्टिस सहित अन्य लोगों की तस्वीरें रखकर तंत्र-साधना किए जाने की बात सामने आई है।
👉तीन युवक अब भी फरार
घटना के बाद तीन युवक मौके से भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। मौके से बरामद तस्वीरों और पूजा सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि श्मशान घाट में वास्तव में किस उद्देश्य से यह गतिविधि की जा रही थी और इसमें शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
देवरी मुक्तिधाम में पहले भी संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत सामने आने की बात ग्रामीणों ने कही है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे तंत्र-साधना प्रकरण की वास्तविकता और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट हो सकेगी।

