– सुशासन तिहार में पट्टे व आवास मांग के सबसे अधिक आवेदन।
– शिविर में कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने पुलिस ने संभाला मोर्चा।
👉 बिलासपुर के निगम क्षेत्र सिरगिट्टी स्थित वार्ड कार्यालय में जनसमस्या निवारण शिविर,सुशासन तिहार का आयोजन किया गया। जहाँ कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए कांग्रेसी मंच पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे दोनों पक्ष के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस पुलिस के साथ धक्का-मुक्की ने पूरे आयोजन को सियासी संघर्ष का अखाड़ा बना दिया। जहाँ पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए मामले को शांत कराया जिसके बाद समान्य रूप से कार्यक्रम जारी रहा आयोजन में लोगो ने नजुल भूमि का पट्टा, आवास सहित 394 मुलभुत सुविधा संबधित आवेदन जमा किए हैं। कार्यक्रम की शुरुवात पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक व महापौर पूजा विधानी सहित भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा गर्भवती माताओ के गोद भराई उपहार देकर की गई। जहाँ छोटे बच्चों को आंगन बाड़ी व नौनीहाल को स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए टिका लगाकर माला पहनाया गया। श्री कौशिक ने कहा की सुशासन शिविर शासन और जनता के मध्य संवाद, विश्वास एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम है। प्रदेश सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान तथा जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिविरों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है। समस्याओं का समाधान जनता के सामने होने से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हुआ है। ऐसे आयोजन नागरिकों को उनके अधिकारों और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करते हैं सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। उक्त आयोजन में आयुक्त प्रकाश कुमार सार्वे, जोन कमिश्नर भूपेंद्र उपाध्याय पार्षद एम आई सी केशरी इंगोले, विजय मरावी ,गायत्री दुबे, मनोज दुबे, भृगु अवस्थी, सुंदर सिंह ठाकुर, गिरधारी सिंह, अंकित पाल सहित काफ़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्त्ता व नागरिक सामिल रहें।
✒️(भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने,शिविर बना अखाडा) ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता मंच पर पहुंचने और नारेबाजी शुरू करने के बाद वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को मंच और शिविर स्थल से हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। कांग्रेसी विधायक को देख जमकर नारेबाजी करने लगे पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए सभी को शिविर से बाहर किया।


✒️(सरकारी मंच में राजनीतिक लड़ाई)
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान नहीं बल्कि सरकारी उपलब्धियों का प्रचार करना है। वहीं विधायक व भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक नौटंकी करार दिया। इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच सिरगिट्टी का सरकारी शिविर पूरी तरह राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन गया जहां प्रशासनिक कार्यक्रम से अधिक चर्चा विरोध प्रदर्शन हंगामे और सियासी टकराव की होती रही।

✍️(विरोध प्रदर्शन में हुए सामिल)
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से पार्षद पुष्पेंद्र साहू, पवन साहू, अजय मनहर,महेश ठाकुर, सुनील पांडेय, नागेश ध्रुव, बंटी सोनी, अरुण नथानी, गोविंद यादव, रामू राव, संजीव पाल, सचिन भवानी, अक्षय नवरंग, वेद रात्रे, अरविंद ओझा, रवींद्र डाहरे, गोविंद मानिकपुरी, लक्ष्मण ध्रुव, विनोद साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। सरकारी शिविर में हुए इस घटनाक्रम ने सुशासन तिहार को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। मंच पर विरोध, विधायक को घेरने की कोशिश, भाजपा-कांग्रेस टकराव और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की पूरे दिन शहर की राजनीति का सबसे चर्चित घटनाक्रम बना रहा।

