– सिरगिट्टी आदर्श नगर में बड़ा हादसा टला
33 केवी हाईटेंशन लाइन से टकराया स्ट्रीट लाइट पोल, करंट की चपेट में आए 5 मजदूर
– सुरक्षा उपकरण तक नहीं दिए; ठेकेदार की लापरवाही पर उठे सवाल
– जिला अस्पताल मे चल रहा उपचार
बिलासपुर सिरगिट्टी – सिरगिट्टी के आदर्श नगर मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य उस समय हादसे में बदल गया, जब खड़ा किया जा रहा पोल अचानक एक ओर झुक गया और असंतुलित होकर ऊपर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन से टकरा गया। हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही पूरे ट्यूबलर पोल में करंट दौड़ गया और वहां कार्य कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। करंट लगते ही मजदूर सड़क पर इधर-उधर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और इसकी जानकारी थाना सिरगिट्टी सहित डायल 112 को दिए जिनके द्वारा घटना मे आहात मजदूर जयंती ध्रुवे पति मुकेश उम्र 40 वर्ष निवासी मध्य प्रदेश, प्रहलाद (40 वर्ष), सेवा राम बैगा (35 वर्ष), मुकेश कुमार (40 वर्ष) तथा दीपक यादव पिता चोवा राम (36 वर्ष) सभी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उनका उपचार जारी है। सभी के हाथ-पैरों के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी अंदरूनी चोटें आई हैं चिकित्सकों के अनुसार हाई वोल्टेज करंट का असर कई बार शरीर के अंदरूनी अंगों पर भी पड़ता है।

(प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- चीख-पुकार मची, गनीमत रही बड़ा हादसा टल गया)
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। करंट लगते ही मजदूर दर्द से चीखने लगे और एक-एक कर जमीन पर गिर पड़े घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों के भी होश उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गनीमत रही कि सभी को केवल करंट का झटका लगा अन्यथा यह घटना कई जानें लेने वाले बड़े हादसे में बदल सकती थी।


(बिना सुरक्षा उपकरण के काम कर रहें मजदूर)
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल पर न तो कोई प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन मौजूद था और न ही कार्य की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी। सबसे गंभीर बात यह रही कि मजदूरों को हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स सहित कोई भी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। ऐसे में ठेकेदार की लापरवाही सीधे मजदूरों की जान पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है।

(बिना शटडाउन हाईटेंशन लाइन के नीचे कराया जा रहा था काम)
जानकारी के अनुसार जिन स्थानो पर स्ट्रीट लाइट पोल लगाया जा रहा है वहां एलटी लाइन के साथ 11 केवी और 33 केवी हाईटेंशन लाइन भी गुजर रही है। घटना स्थान पर सबसे करीब 33 केबी लाइन गुजर रही है जहाँ मजदूरों से पोल खड़ा कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह रही कि भारी पोल को सिर्फ पांच मजदूरों के भरोसे खड़ा कराया गया, जबकि अधिकांश पोल हाईटेंशन तारों के ठीक नीचे लगाए जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी के कारण पोल 33 केवी लाइन से टकरा गया और पांच मजदूर करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नियंत्रित नहीं होती तो यह हादसा कई लोगों की जान ले सकता था। घटना ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही गंभीर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

