निर्माणाधीन मकान की छत पर काम के दौरान हादसा, एक शव छत पर तो दूसरा बिजली लाइन के पास लटका मिला
बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कस्तूरबा नगर में मंगलवार शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब निर्माणाधीन मकान की छत पर काम कर रहे दो मजदूर अचानक ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। तेज करंट के झटके से दोनों मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे कस्तूरबा नगर में अनूप सिंह के निर्माणाधीन मकान में छत पर निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान वहां काम कर रहे भूपेंद्र साहू (45), पिता लखन लाल साहू और रवि बंजारे (40), निवासी अशोक नगर, डीएलएस कॉलेज के पास सरकंडा, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। पुलिस के अनुसार एक मजदूर का शव मकान की छत पर पड़ा था, जबकि दूसरा करंट लगने के बाद दीवार के सहारे हाईटेंशन लाइन के पास लटका मिला। भयावह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि निर्माणाधीन मकान के पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन को लेकर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
👉सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के साथ ही हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास निर्माण कार्य कराने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों पर निर्माण कार्य से पहले बिजली विभाग और संबंधित जिम्मेदारों द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर किसी और परिवार को अपने कमाने वाले सदस्य को न खोना पड़े।

