पत्रकारों की बैठक में फूटा आक्रोश, 100 से अधिक सदस्यों ने कलेक्टर और सहायक पंजीयक को सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब में संविधान के कथित उल्लंघन, निर्वाचित पदाधिकारियों का प्रभार बदले जाने और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सोमवार को पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। स्व. डीपी चौबे प्रेस ट्रस्ट भवन में हुई बैठक में करीब 100 सदस्य शामिल हुए। सदस्यों ने संस्था की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखने को लेकर कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए। बैठक में 31 जुलाई को सचिव संदीप करिहार और कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह का प्रभार बदले जाने की कार्रवाई को संविधान के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। सदस्यों का कहना था कि किसी निर्वाचित पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संविधान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि कार्यकारिणी को वापस बुलाने अथवा निर्वाचित पदाधिकारी का प्रभार बदलने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय का अधिकार सामान्य सभा को है। बैठक में अध्यक्ष अजीत मिश्रा पर संविधान के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाते हुए उनका प्रभार बदले जाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसका उपस्थित सदस्यों ने तालियां बजाकर समर्थन किया।


👉वित्तीय लेनदेन पर भी उठे सवाल
सचिव संदीप करिहार और कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक पद का विधिवत प्रभार नहीं सौंपा गया है। प्रेस क्लब की मिनट्स बुक अध्यक्ष के पास होने तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस से प्राप्त शुल्क राशि के संस्था के अधिकृत बैंक खाते में नियमित रूप से जमा नहीं होने का भी आरोप लगाया गया। सदस्यों ने संस्था के आय-व्यय और वित्तीय अभिलेखों की स्वतंत्र जांच की मांग की।
👉सामान्य सभा नहीं होने पर नाराजगी
सदस्यों ने कहा कि 29 दिसंबर 2025 को वर्तमान कार्यकारिणी के गठन के बाद अब तक सामान्य सभा आयोजित नहीं की गई। इससे संस्था का वार्षिक आय-व्यय और अन्य जरूरी प्रतिवेदन सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत नहीं हो सके। इसे भी संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत बताया गया।

👉50 से अधिक पत्रकार पहुंचे प्रशासन के पास
बैठक के बाद सचिव और कोषाध्यक्ष के नेतृत्व में 50 से अधिक पत्रकारों ने कलेक्टर और फर्म एवं संस्थाएं, बिलासपुर संभाग के सहायक पंजीयक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 29 दिसंबर 2025 से अब तक प्रेस कॉन्फ्रेंस से प्राप्त शुल्क, बैंक खाते, कैशबुक, रसीद पुस्तिका, आय-व्यय रजिस्टर, वाउचर और मिनट्स बुक सहित सभी वित्तीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
👉कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा
पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। वहीं, सहायक पंजीयक ने भी ज्ञापन लेकर आवश्यक कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा है।
👉 सदस्यों की प्रमुख मांगें
– 31 जुलाई के निर्णय के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक।
– निर्वाचित पदाधिकारियों का प्रभार बदले जाने की निष्पक्ष जांच।
– प्रेस क्लब के बैंक खाते और वित्तीय अभिलेखों की जांच।
– प्रेस कॉन्फ्रेंस से प्राप्त शुल्क राशि का पूरा हिसाब।
– संस्था की आय अधिकृत बैंक खाते में जमा कराने की व्यवस्था।
– जांच पूरी होने तक सभी वित्तीय दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग।
– संविधान उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता मिलने पर वैधानिक कार्रवाई।

