100 से अधिक कलाकार पहली बार एक साथ प्रस्तुति देंगे
बिलासपुर- बांस गीत गाथा अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित बांस गीत गाथा समारोह में सौ से अधिक गायक और वादक कलाकार एक साथ बांस गीत गाथा का प्रदर्शन 7 दिसंबर 2025 को पंडित देवकी नंदन दीक्षित सभा भवन, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर बिलासपुर में दोपहर 2 बजे से करेंगे। बांस गीत गाथा अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव पूर्व अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आयोग छत्तीसगढ़ शासन ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पुरातन कला बांस गीत यादवी संस्कृति का प्रतीक है जिसे बांस के पोली नली से निर्मित वाद्य को फूंककर वादक पुरुष स्वर निकालता है और साथी कलाकर यादवों की सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक चरित्रों को गीत के माध्यम से प्रस्तुत करते है वहीं सहयोगी कलाकार ठेही (हुंकार) देता हैं। 7 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में सौ से अधिक बांस गीत कलाकारों का अभिनव आयोजन छत्तीसगढ़ मे पहली बार होगा जिसमें बिलासपुर संभाग के अलावा कबीरधाम और बेमेतरा जिला के बांस गायक और वादक कलाकार शामिल होंगे और वीर लोरिक पर केंद्रित प्रसंग को गीत और बांस वाद्य के माध्यम से एक साथ प्रस्तुति देंगे।

(रावत नृत्य दल किया जाएगा सम्मान)
इसी आयोजन के दौरान सिरगिट्टी,मस्तूरी, तखतपुर, रतनपुर, मंगला, सकरी,महमंद और बेलतरा रावत नृत्य महोत्सव समितियों के साथ सिलपहरी, भरनी, परसदा, खमतराई, बहतराई, बसिया रावत नृत्य दल का सम्मान किया जाएगा वहीं भोजली महोत्सव समिति तोरवा का भी सम्मान किया जाएगा।

