{कन्हैया कौशिक}
– आदिवासी सामाज के द्वारा कई वर्षों से की जा रही ईशर गौरा-गौरी की पूजा।
– आतिशबाजी करते हुए अति उत्साह के साथ सामिल हुए बच्चे।

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों सहित शहरी इलाकों में दिवाली के बीते दिन गौरा गौरी पूजा बड़ी ही धूम धाम से मनाया गया इस वर्ष ग्रहण के उस पर भारी पड़ गया बावजूद तिथि के तहत वर्षो से चली आ रही इस परम्परा को निभाते हुए सिरगिट्टी बन्नाक,नगपुरा, सिरगिट्टी आवास के आदिवासी समाज द्वारा गौरा-गौरी विवाह के साथ ही मूर्ति विसर्जन हेतु शोभायात्रा निकाला गया। जिसमें आदिवासी समाज के साथ साथ अन्य समाज के भक्त भी भगवान के विवाह के साक्षी बने छत्तीसगढ़ की पहचान गोड़ बैगा आदिवासी जनजातियों से होती है क्षेत्रीय सांस्कृतिक मानव जीवन की नैसर्गिक सुखों की यह एक जीती-जागती परम्परा है जो आज भी अंचलो में बड़े उत्साह एवं श्रध्दा से मनाते आ रहे है। निगम छेत्र सिरगिट्टी के वार्ड क्रमांक 12 जय बूढा देव वार्ड में विगत कई वर्षों से गौरा गौरी लोक संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। क्षेत्र के आदिवासी समाज द्वारा धनतेरस के दिन फूलरस्म व तालाब से मिटटी लाकर अलग अलग दो स्थानो में गौरा माता गौरी की हस्त प्रतिमा बनाया गया और दिवाली की रात बाजे गाजे के साथ आतिशबाजी करते हुए गौरा का बरात निकाल गौरी के घर ले जाया गया जहाँ गौरी-गौरा विवाह कराया गया। लोग पूरे रात कार्यक्रम कर सुवा कर्मा दंडा नित्य प्रस्तुत किये सोमवार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मंजीरा व मादर की थाक पर गौरा गौरी प्रतिमा का शोभायात्रा निकाला गया समाज के लोगो ने पारम्परिक वेषभूषा सहित बाध्य यंत्रो सहित मांदर बजाते हुए थिरकते नजर आए भाई चारे को बरकरार रखते हुए इस दिन आदिवासी समाज के साथ साथ अन्य समाज के लोग पूरे हर्षोउल्लास से इस यात्रा में शामिल हुए ।

(सोटा खाने व पीठ से पार कराने से सभी कष्ट हो जाते है दूर)
सोटा अपने हाथ में मारने व जिनके द्वारा गौरा गौरी अपने सर पर रखे हुए है उनके कदमो के नीचे लेटने की स्थानीय परंपरा है.लोगों का मानना है की जो लोग ए करते है उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं इसीलिए वहां पर सोटा से मार खाने की लोगों में उत्सुकता रहती है हालांकि कुछ लोग इसे अंधविश्वास कहते हैं लेकिन यह परंपरा वर्षों से अपने पुराने रूप में ही चली आ रही है।

(गौरा गौरी विषर्जन के बाद आमंत्रित किए यदुंशी भाइयो को )
गौरा गौरी विषर्जन के बाद उनके विराजीत देव स्थान को सर पर धारण किए लोग मांदर की ही थाक मे रावत नाचा व दौहा पारते हुए नजर आए समाज के लोगो ने अपने कार्यक्रम को अंतिम रूप देते हुए आगे के कार्यक्रम हेतु यदुवंशियों भाइयो को आमंत्रण कर रावत नाच हेतु आमंत्रित किए।


{गोवर्धन पूजा आज सिरगिट्टी मे होगा 2100 दिए से कृष्ण पूजन जगमगाएगा परिसर} सिरगिट्टी स्थित बन्नाक चौक मे मंगलवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर विहिप बजरंग दल सहित सनातियों के द्वारा शाम 6.30 बजे श्री कृष्ण जी की मंगलमय आरती के साथ ही 2100 दिए जलाकर कान्हा जी को 56 भोग के साथ ही दिपावली पर्व मनाया जाएगा।


