सुरक्षा के घेरे में कत्ल से मचा हड़कंप, CCTV में दिखे संदिग्ध; FSL और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य
बिलासपुर। रेलवे स्टेशन से लगे आरपीएफ कॉलोनी जैसे संवेदनशील इलाके में रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की हत्या से शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की निगरानी रहती है, उसी इलाके में पानी टंकी के पास एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। वारदात की खबर फैलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मामला तोरवा थाना क्षेत्र की आरपीएफ कॉलोनी का है। मृतक की पहचान नरेश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वह बिहार के आरा जिले के सोनभठा गांव का रहने वाला था और पिछले करीब दो वर्षों से बिलासपुर में रहकर बजरंग कंस्ट्रक्शन में सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहा था। बताया गया है कि वह चौकीदारी का काम भी करता था। ठेकेदार के अनुसार नरेश उसके गांव का ही रहने वाला था, जिसे काम के सिलसिले में बिलासपुर लाया गया था।

👉FSL और डॉग स्क्वायड ने खंगाला घटनास्थल
हत्या की सूचना मिलते ही तोरवा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके की बारीकी से जांच कर संभावित साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर हत्या की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
👉CCTV में संदिग्ध, पहचान में जुटी पुलिस
जांच में आसपास लगे CCTV कैमरे पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो सकते हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फुटेज में कुछ संदिग्ध नजर आए हैं, जिनकी उम्र करीब 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने के साथ उनके आने-जाने के रास्तों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
✍️रेलवे स्टेशन और आरपीएफ कॉलोनी से लगे सुरक्षा घेरे वाले इलाके में हत्या की इस वारदात ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्यारों की पहचान कर वारदात की वजह और घटनाक्रम का खुलासा करना है।

