कड़ार-सेंवार, धमनी और नगपुरा मार्ग की दुर्दशा के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, चार साल से सड़क निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश
बिलासपुर/बिल्हा। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के कड़ार-सेंवार, धमनी और नगपुरा मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। बारिश से पानी और कीचड़ से लबालब भरे सड़क के गड्ढों को तालाब का रूप बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनमें मछली पकड़ने का जाल डालकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
जिला कांग्रेस कमेटी (पिछड़ा वर्ग विभाग) के अध्यक्ष सुनील साहू के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय ग्रामीण भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं। बरसात में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि यह सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आती है।
चार साल से बदहाल सड़क, हर बारिश में बढ़ती है मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि कड़ार-सेंवार, धमनी और नगपुरा को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग पिछले चार वर्षों से जर्जर पड़ा है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया।
ज्ञापन से लेकर प्रदर्शन तक, नहीं जागे जिम्मेदार
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण और जल निकासी की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। विरोध-प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन हर बार केवल मरम्मत का आश्वासन मिला। कुछ स्थानों पर खानापूर्ति के लिए गिट्टी और मुरूम डाल दी गई, जो पहली ही बारिश में बह गई।
स्थायी समाधान की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सड़क का पूर्ण डामरीकरण कराया जाए तथा दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण किया जाए, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो। उनका कहना था कि जब तक स्थायी निर्माण नहीं होगा, तब तक क्षेत्रवासियों को हर वर्ष इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी।
“गड्ढों में सड़क नहीं, सड़क में गड्ढे हैं”
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सड़क की हालत देखकर यह तय करना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। यही कारण है कि प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए प्रतीकात्मक रूप से गड्ढों में जाल डालकर मछली पकड़ने का प्रदर्शन करना पड़ा।
जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज सड़क की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क और नाली निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

