बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। बिलासपुर सेंट्रल जेल परिसर के भीतर मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जेल के अति-सुरक्षित माने जाने वाले ‘ई-1’ वार्ड (मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों का बैरक) में उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी ने दूसरे कैदी पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने नाली पर ढके सीमेंट के भारी स्लैब से पीड़ित के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। गंभीर रूप से घायल कैदी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
साइको किलर राजेश राय (आरोपी)
बैरक में सुबह साढ़े 5 बजे हुआ हमला
पुलिस और जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे की है। आरोपी राजेश राय (40 वर्ष) ने बैरक में अचानक नाली के पास जाकर वहां लगे सीमेंट स्लैब को उठाया और सो रहे या वहां मौजूद कैदी नीलू जगत (27 वर्ष) के सिर पर 4-5 बार जोरदार प्रहार कर दिया। मौके पर मौजूद अन्य कैदियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक नीलू गंभीर रूप से लहूलुहान हो चुका था। उसे तत्काल जेल अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
(अपराधियों का आपराधिक बैकग्राउंड)
मुंगेली जिले का निवासी राजेश राय पिछले 17 वर्षों से एक तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। जेल प्रबंधन के अनुसार, वह मानसिक तनाव और अस्वस्थता के चलते ‘ई-1’ वार्ड में बंद था।कोटा के दबनपुर का रहने वाला नीलू जगत नाबालिग से दुष्कर्म (रेप) के आरोप में साल 2024 से सेंट्रल जेल में न्यायिक रिमांड पर बंद था।
(माफी की अर्जी खारिज होने से अवसाद में था हमलावर)
प्रारंभिक जांच और जेल सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि आरोपी राजेश राय गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उसने प्रशासन के समक्ष अपनी सजा माफी की अर्जी लगाई थी, जिसे हाल ही में खारिज कर दिया गया था। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले में सह-आरोपी रहे उसके भाई सुरेश राय को साल 2025 में माफी देकर रिहा कर दिया गया था। भाई की रिहाई और खुद की अर्जी खारिज होने के बाद से ही राजेश अवसाद में था।
(उच्च सुरक्षा वाली जेल की व्यवस्था पर सवाल)
सेंट्रल जेल जैसी संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी वाली जगह के भीतर, वह भी मानसिक रोगियों के लिए आरक्षित विशेष वार्ड में इस तरह की हिंसक वारदात जेल प्रबंधन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बैरक के भीतर भारी सीमेंट स्लैब का इस तरह खुला होना और सुरक्षाकर्मियों की मौके पर मुस्तैदी न होना जांच के दायरे में है।
(मामले की जांच शुरू)
घटना की सूचना मिलते ही जेल महानिदेशक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस और जेल की आंतरिक जांच टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) का नया मामला दर्ज किया जा रहा है। वारदात की वास्तविक कड़ियों को जोड़ने के लिए वार्ड में तैनात प्रहरियों और प्रत्यक्षदर्शी कैदियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

