रायपुर- धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से परेशान एक किसान ने मानसिक तनाव में आकर ब्लेड से अपना गला काट लिया। मामला महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र का है। घायल किसान को गंभीर हालत में रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया है। सेनाभाठा निवासी मनबोध गांड़ा (65) पिछले तीन दिनों से धान बेचने के लिए चौइस सेंटर के चक्कर लगा रहे थे। सिस्टम में मोबाइल नंबर की तकनीकी समस्या के कारण उनका टोकन जेनरेट नहीं हो पा रहा था। बार –बार अपडेट मांगे जाने के बावजूद समाधान नहीं मिलने से किसान बेहद परेशान था।

(खेत में चराने गए मवेशी, वहीं ब्लेड से काटा गला) मनबोध रोज की तरह मवेशियों को चराने खेत गए थे। तनाव की स्थिति में उन्होंने ब्लेड से अपना गला काट लिया। घायल होने के बाद अत्यधिक खून बहा। ग्रामीणों ने परिवार को सूचना दी और 112 की मदद से उसे अस्पताल पहुँचाया गया।
(बागबाहरा से महासमुंद, फिर रायपुर रेफर)
किसान को पहले बागबाहरा अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उसे महासमुंद मेडिकल कॉलेज, और वहां से रायपुर मेकाहारा रेफर किया। डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति नाजुक है।
(11 सदस्यों का परिवार धान घर में रखा है” बेटे का बयान)
किसान के बेटे शंकर गांड़ा (34) ने बताया कि परिवार में 11 सदस्य हैं और 1 एकड़ 40 डिसमिल जमीन है। धान की कटाई पूरी हो चुकी है और पूरा धान घर में रखा है। उन्होंने कहा टोकन न मिलने से पिताजी बहुत तनाव में थे।
(कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल मेकाहारा पहुँचा)
घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रायपुर मेकाहारा अस्पताल पहुँचा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा-यह सरकार के लिए करारा तमाचा है। धान खरीदी व्यवस्था की विफलता है कि किसान को अपने ही गले पर वार करना पड़ा।
(ग्रामीणों में नाराजगी, धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल)
ग्रामीणों ने कहा कि चौइस सेंटरों में टोकन की समस्या कई किसानों को परेशान कर रही है। प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गांव में आक्रोश है।

