_{गर्मी वाली देवी का महोत्सव शुरू:मान्यता है कि सोलापुरी माता गर्मी के प्रकोप से बचाती हैं}
_{शीतला माता की प्रतीक के रूप में होती है सोलापुरी माता की पूजा}
_{सोलापुरी माता पूजा : ढोल ताशे बाजे एवं काली की जीवंत झांकी के साथ निकली शोभा यात्रा}

बिलासपुर – {सिरगिट्टी}
दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले सोलापूरी माता महोत्सव की अब बिलासपुर सिरगिट्टी में भी धूम मची है। सिरगिट्टी के शुभम विहार मे सोमवार को राटा पूजा के साथ देवी की स्थापना की ऐसी मान्यता है कि भीषण गर्मी में होने वाले विभिन्न रोग के प्रकोप से बचने के लिए दक्षिण भारतीय समुदाय की ओर से हल्दी व नीम के पत्तों से बनी माता के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं।

सिरगिट्टी में सोलापुरी माता पूजा उत्सव राटा पूजा के साथ प्रारंभ हो गई है। पूजा के प्रथम दिन खड़कपुर से आए पुजारी साईं ब्रदर्स द्वारा मां त्रिपुर सुदंरी मरीमाई मंदिरं न्यू लोको कॉलोनी से गीली हल्दी लाकर माँ की प्रतिमा बनाई गई जिसके बाद सिर पर धारण कर शोभायात्रा के साथ पूरे सिरगिट्टी क्षेत्र होते हुई आश्रय परिसर बन्नाक चौक सहित नगर परिक्रमा करते हुए पूजा पंडाल में लाकर स्थापित किया।

राटा पूजा मे भक्तों का जनसमूह उमड़ पड़ा डफली, तासा,बाजा के साथ पूजा पंडाल पहुंचा। यहां पर खड़कपुर से आए पुजारी साईं ब्रदर द्वारा विधि विधान से पूजा कर राटा स्थापित किया गया।

पूजा करने के लिए खड़गपुर के सुप्रसिद्ध पुजारी को आमंत्रित किया गया साथ में ढपली ग्रुप पूजा को सफल बनाने में समिति के सदस्य जी आनंद राव,यू मुरली राव,एन गोविंद राजू,जी राजा राव,जी राजेश्वर राव,पी नोकराजू,वी अप्पल नारायणा,एन रमना मूर्ति,बी रामा राव,गिरी राव,महावीर बोयर,प्रेमलाल चौहान, डी.सूरीबाबू ,के भवानी शंकर,एम थावुड़ू सहित काफी संख्या मे महिलाए सामिल रहें।


