बिलासपुर – बिलासपुर मोपका चौक कतियापारा में स्व.लल्लू हलवाई के वार्षिक श्राद्ध में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव,बाल लीला सहित कृष्णा रुखमणि विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया कथा में जैसे ही श्री कृष्ण प्रसंग आया पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। जैसे ही नंद बाबा के पलने में बाल रूप में कृष्णा आए नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की सुमधुर गीत से पुरा पंडाल झूम उठा सभी दोनों हाथ की सेवा देते हुए जयकारे लगाते रहें।

श्रद्धालुओं ने बाल स्वरूप श्री कृष्ण के दर्शन किए और व्यास पीठ पर विराजित पं.देवेंद्र पाण्डेय द्वारा श्री कृष्ण प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कंस के अत्याचारों के कारण ही उसने अभिमान और अनीति पूर्वक राज करने के लिए अपने पिता उग्रसेन को बंदी बना लिया था। आकाशवाणी से अपनी भावी मृत्यु का संकेत पाकर उसने अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया वहां एक-एक करके उनके छह पुत्रों की हत्या कर दी सातवें गर्भ में खुद शेषनाग के आने पर योग माया ने उनके देवकी के गर्भ से निकालकर वासुदेव की पहली पत्नी रोहणी के घर में स्थापित कर दिया भगवान ने आठवीं संतान के रूप में जन्म लिया कृष्णा जन्मोत्सव के बाद बाल लीला,रासलीला सहित रुखमणि विवाह कराया गया

इस दौरान फूलो की वर्षा की गई कथा वाचक श्री पाण्डेय ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का भी मिलन हुआ भगवान श्रीकृष्ण रुकमणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। कथावाचक ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।

जीव परमात्मा का अंश है इसलिए जीव के अंदर अपारशक्ति रहती है यदि कोई कमी रहती है वह मात्र संकल्प की होती है संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे उन्होंने कहा कि रुकमणी के भाई रुकमि ने उनका विवाह शिशुपाल के साथ सुनिश्चित किया था। लेकिन रुक्मणी ने संकल्प लिया था कि वह शिशुपाल को नहीं केवल गोपाल को पति के रूप में वरण करेगी शिशुपाल असत्य मार्गी है और द्वारिकाधीश भगवान कृष्ण सत्य मार्गी है इसलिए वो असत्य को नहीं सत्य को अपनाएगी कथा के दौरान झाकी निकाली गई जिसे देख श्रोता भाव विभोर हो गए आयोजन में मुख्य जजमान पुष्पा उमेश कुर्मी है कार्यक्रम को सफल बनाने स्नेहजनों के साथ क्षेत्र वाशी जुटे हुए है ।

