बिलासपुर -बिलासपुर के कतियापारा मोपका चौक में स्व.लल्लू हलवाई के वार्षिक श्राद्ध में श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई इस दौरान सभी पीताम्बरी वस्त्र में नजर आए शोभायात्रा पंडाल से प्रारंभ होकर नगर भृमण करते हुए कई चौक चौराहो पर पहुंची जहाँ आतिशबाजी के साथ ही शोभायात्रा का स्वागत किया गया।

कई मंदिरो से होते हुए शिव तालाब घाट पहुंची जहाँ से जल भरकर वापस कथा पंडाल पहुँचे जहाँ कथा व्यास देवेंद्र पाण्डेय के द्वारा विधिवत पूजा अर्चना की गई वही कथा के पहले दिन श्रोताओं को कथा का रशपान कराते हुए कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब ऐसा अनुष्ठान होता है भागवत कथा श्रवण मात्र जीवन के सारे पाप मिट जाते हैं श्रीमद्भागवत को वेदों का सार कहा गया है। श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है जब ज्ञान वैराग्य की मूर्छा दूर करने के लिए ऋषियों ने देवर्षि नारद से कहा कि आप ज्ञान और वैराग्य को जगाने के लिए उन्हें श्रीमद् भागवत महापुराण सुनाओ। नारद जी ने कहा कि ऋषिवर मैंने उन्हें सारे वेद और उपनिषेद सुना दिए हैं जब वेदों व उपनिषेदों से कोई फायदा नहीं हुआ तो भागवत पुराण से क्या फायदा होगा।

ऋषियों ने कहा कि भागवत महापुराण सभी ग्रंथों का सार है जो फायदा सार शिक्षा से होता है वह पूरी कहानी पढ़ने से नहीं होता है। य़ह ज्ञानियों का चिंतन संतो का मनन भक्तों का वंदन तथा भारत की धड़कन है किसी का सौभाग्य जब शिखर पर होता है तब उसे श्रीमद् भागवत पढ़ने, कहने व सुनने को मिलती है इस दौरान काफी संख्या में श्रोता पंडाल में उपस्थित रहें ।

