– हॉल या छत मे लगता है इनका क्लास बेरोजगारो के भविष्य के साथ की जा रही खिलवाड़।
बिलासपुर- छत्तीसगढ़ शासन एक तरफ चिटफंड व नेटवर्किंग मार्केटिंग में लोगों द्वारा गंवाए रकम को वापस दिलाने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक क्षेत्र सिरगिट्टी में नेटवर्किंग मार्केटिंग गेल्वे अपना पैर पसार रही है शहर से कुछ दूर सिरगिट्टी क्षेत्र मे विगत कई वर्षो से ए कारोबार फल फूल रहा है। यहां कथित कम्पनी से जुड़ने लोगों से मोटी रकम ली जाती है और कस्मेटिक सामग्री बेच अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रशिक्षण उपरान्त एग्रीकल्चर विभाग में नौकरी देने और मोटी रकम कमाने का झांसा दिया जाता है। बेरोजगार छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों के अलावा बिहार, झारखंड, उड़ीसा समेत अन्य प्रदेशों के हजारों युवक युवतियां कंपनी की बातों में आकर अपना परिवार छोड़ इनके झांसे मे आ रहें है। भोलेभाले युवाओं से
कंपनी से जुड़ने के लिए 15 से 20 हजार रूपए लिया जाता है कंपनी के नाम की आईडी कार्ड जारी की जाती है लोगों को इसमें जोड़कर अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रशिक्षण सहित दबाव डाला जाता है. सिरगिट्टी में नेटवर्किंग मार्केटिंग का खेल पिछले कई सालों से चल रहा है।

(थाने मे हुई शिकायत सिरगिट्टी पुलिस ने किया मामला दर्ज)
जिला कोरबा पसान निवासी कमला बाई श्याम व उसके परिजनों के द्वारा थाना सिरगिट्टी मे लिखित आवेदन सौपते हुए बताया की नेटवर्किंग मार्केट मे कार्य करने वाले श्याम,धीरू और उनके अन्य साथियों ने मिलकर स्थाई सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर उनकी बेटी शशि श्याम के साथ ही उनके सहेलियों से लगभग 78 हजार रुपए की ठगी करते हुए सभी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया है। महिला ने बताया की बीते 11 फ़रवरी को उसकी बेटी ने रोते हुए बताया की कथित नेटवर्किंग मार्केट के लोगों ने उसका फोन छीन लिया और परिजनों से बात करने नही दिया जा रहा था। युवती अपनी सहेली के फोन से सारी बाते अपने परिजनों को बताए जिसके बाद युवती की माँ अपने दमाद के साथ सिरगिट्टी पहुँचे और लोकेशन के आधार पर अपनी पुत्री तक पहुंचे। सभी सिरगिट्टी थाने गए और सिरगिट्टी पुलिस को इसकी जानकारी दिए युवतियों से पुलिस पूछताछ मे सामने आया की आरोपियों ने उन्हें कथित प्रशिक्षण के नाम पर कुछ दिनों तक अपने पास रखा और सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाते रहे लेकिन बाद में कोई नियुक्ति नहीं हुई। जब युवतियों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी सिरगिट्टी पुलिस आरोपियों के खिलाफ (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच मे जुट गई है।
(आईडी के नाम पर वसूले पैसे)
शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने शशि श्याम से 19,500 रुपये नगद लिए, जबकि नगमा खान से कंपनी में कार्यरत चांदनी नामक युवती ने 19,500 रुपये नगद लिए इसी तरह क्रांति सिंह से आरोपी धीरू ने 19,500 रुपये और परमेश्वरी से 10,500 रुपये नगद तथा 9,000 रुपये फोन-पे के माध्यम से लिए इस तरह सभी से कुल 78 हजार रुपये की उगाही सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की गई।
(हर उम्र के लोग फ़स रहें इसके जाल मे)
जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में संगठित गिरोह काम कर रहा है जो क्षेत्र में बाहरी राज्यों के बेरोजगार युवक-युवतियों को निशाना बनाकर नौकरी का झांसा दे कर नेटवर्किंग मार्केट चला रहे हैं। और लोगों का
आर्थिक शोषण कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि मामले में कड़ी जांच और कार्रवाई होने से बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।
(युवाओं को दिया जाने वाला सामान कभी बिक्री नहीं होता है) कंपनी द्वारा नए सदस्यों को लाभ कैसे होता है यह आज भी बड़ा सवाल है। कंपनी से जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है जबकी इनके प्रोडक्ट स्थानीय दुकानों मे दिखते तक नही।
ठगी का शिकार हुए युवक-युवतियों व उनके परिजनों द्वारा कई थानो मे शिकायत की जाती है परन्तु ठोस कार्रवाई नही हो रही है।
(नाबालिग को भी फंसाया जा रहा)
कंपनी में काम करने वाले कई युवक युवतियां नाबालिग हैं और कई शादीशुदा पुरुष व महिला भी है। लेकिन इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में नाबालिगों से भी परमानेंट नौकरी का प्रलोभन देकर रूपये की उगाही की जा रही है, वहीं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ठगी का शिकार होने का आभास होने पर नाबालिग दिए पैसे की मांग करते है परन्तु उनका कोई सुनता नही थक हार के खुद वापस घर लौट जाते है।
(किसी को कुछ नहीं बताने का दबाव)
सिरगिट्टी क्षेत्र में हर दिन युवक-युवतियों का जमावड़ा लगा रहता है. कम्पनी द्वारा क्षेत्र में हॉल या छत के उपर अपने मेम्बरों की क्लास ली जाती है। इस दौरान लोगों को अपनी तरफ खींचने के टिप्स बताये जाते है. वहीं कंपनी के काम के बारे में किसी को नहीं बताने का दबाव डाला जाता है। वहीं किराये पर मकान देन वाले शासन,प्रशासन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है।

