छत्तीसगढ़ जांजगीर-चांपा/ शिवरीनारायण में आयोजित प्रसिद्ध मेले में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर पंचायत कार्यालय के सामने लगे आकाश झूले में बड़ा हादसा हो गया। यह घटना करीब शाम 4 बजे की बताई जा रही है। नगर पंचायत के सामने उमेश गुप्ता द्वारा संचालित आकाश झूला अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मल्दा निवासी दो युवतियां मेला देखने पहुंची थीं। दोनों युवतियां मेला परिसर में झूले के नीचे खड़ी थीं, तभी अचानक आकाश झूले का एक हिस्सा टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। हादसा होने की भनक तक लोगों को नही हुई मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दोनों युवतियां झूले के नीचे दब गईं।
घटना के बाद लोगों मे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच लोगों ने किसी तरह घायल युवतियों को बाहर निकाला और तत्काल एंबुलेंस की मदद से शिवरीनारायण के शबरी अस्पताल पहुंचाया । घायल युवतियों की पहचान चंद्रकांत कश्यप (उम्र 15 वर्ष) और भूमिका कश्यप (उम्र 21 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम मल्दा के रूप में हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार चंद्रकांत कश्यप को गंभीर चोटें आई हैं जबकि भूमिका कश्यप की हालत गंभीर बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने भूमिका कश्यप को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया है।
(मेले मे झूलो व लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर खडे किए सवाल)
इस हादसे के बाद मेले में लगे झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेले में लगाए गए झूले और ‘मौत का कुआं’ जैसे खतरनाक मनोरंजन साधनों की जांच केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। जांच के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर औपचारिक निरीक्षण कर खानापूर्ति कर लेते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना है कि झूला संचालकों से कथित तौर पर मोटी रकम लेकर बिना समुचित तकनीकी जांच किए उन्हें संचालन की अनुमति दे दी जाती है। यदि समय रहते झूले की सही जांच की जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।

