कन्हैया कौशिक -{बिलासपुर}
– त्रिपुर सुंदरी मरी माई तालाब घाट दुल्हन की तरह सज धज कर है तैयार।
– कमर तक पानी के बिच जाकर सूर्य देव को देंगे अर्ध्य।
बिलासपुर – उत्तर भारतीयों का महापर्व छठ पूजा में आज सिरगिट्टी लोको कालोनी स्थित त्रिपुर सुंदरी मरी माई तालाब प्रांगण में डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और प्रसाद अर्पित किया जाएगा और कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन होगा। छठ इकलौता ऐसा पर्व है,जहां अस्त होते सूर्य को जल देने की परंपरा है। छठ पूजा आयोजन समिति इसके लिए पुरी तरह तैयार है


इस साल 17 नवंबर 2023 से छठ महापर्व का आरंभ हुआ था। इस पर्व की शुरुआत नहाय खाय के साथ होती है इसके बाद खरना,अर्घ्य और पारण किया जाता है। चार दिन पड़ने वाले इस पर्व में सूर्य देवता के साथ छठ माता की पूजा करने का विधान है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु,अच्छे स्वास्थ्य और उत्तम भविष्य की कामना करके रखती हैं। आज छठ पर्व का तीसरा दिन है इस खास मौके पर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का विधान है। इस दिन व्रती महिलाएं कमर तक पानी के अंदर जाकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देती हैं।
जानें शुभ मुहूर्त और विधि।
डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, 19 अक्टूबर को जूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। बता दें कि आज सूर्यास्त 5 बजकर 37 मिनट पर होगा। इस समय व्रती महिलाएं सूर्य देव को अर्ध्य दे सकती हैं।
{कैसे करते हैं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य}
छठ पूजा का तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता जाता है इस दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसे संध्या अर्घ्य या पहला अर्घ्य के नाम से जानते हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ का प्रसाद बनाया जाता है। इसी दिन ठेकुआ बनाएं जाते है इसके अलावा चावल के लड्डू भी बनाए जाते हैं। पूरी तैयारी करने के साथ शाम के समय बांस के सूप और टोकरी को तैयार किया जाता है। इसमें चावल, गन्ना, केला, ठेकुआ, ताजे फल, सूखे मेवे, मिठाई, गुड़, नारियल, घी, धान, नींबू, इलायची, हरी अदरक आदि रखी जाती है। फिर इसे लेकर गांव, नगर के नदी, तालाब के किनारे इकट्ठे होकर सामूहिक रूप से सिर में ये सूप रखकर पानी के अंदर जाते हैं और भगवान सूर्य का नाम लेते हुए उन्हें अर्घ्य दिया जाता है।
{त्रिपुर सुंदरी मरी माई मंदिर घाट में सफल आयोजन कराने जुटे आयोजन समिति}
प्रति वर्ष की भाति इस वर्ष भी न सिर्फ उत्तर भारतीय बल्कि सिरगिट्टी के स्थिनीय समुदाय के लोगो इस आयोजन को कराने कड़ी मेहनत करते है इस पर्व में जात पात को भूल भाई चारे व आस्था को प्रमुख माना जाता है। छठ पूजा आयोजन समिति हर सम्भव प्रयास कर इस आयोजन को भव्य रूपये देते है व गरिमा बरकरार रखते है जिसमे रेलवे के साथ ही स्थानीय पुलिस भी अपना योगदान देती है। छठ पूजा आयोजन समिति आमंत्रित सभी अतिथियों को सम्मानित कर उन्हें इस आयोजन में सामिल होने आभार व्यक्त करते है ।



