– सिरगिट्टी की राजनीति पुरे एशिया मे प्रसिद्ध
– गोविन्द नगर से संतोषी मंदिर जाने वाले सड़क पर दीवार का मामला।
बिलासपुर सिरगिट्टी – किसी की करनी कहे या राजनीतिक खेल जिसके चलते आज कई हजार लोगो के बिच निस्तारी सड़क की समस्या आन ख़डी हो गई है। दरअसल सिरगिट्टी के एक निस्तारी रास्ते मे पक्की दीवार खड़ा करने के मामले मे एक नया मोड़ आ गया है। इसमें दोनों राजनितिक दलों के साथ ही आम नागरिक रविवार को उस स्थान पर पहुँचे। सभी रेलवे के खिलाफ आक्रोषित नजर आए इसी बिच जानकारी मिली की रेलवे को ऐसा करने के लिए भड़काया गया है। दरअसल जिस रेलवे की सड़क पर लोग कई सालों से लोग आवागमन कर रहें थे उस सड़क पर किसी के द्वारा स्थानीय पार्षद का फर्जी हस्ताक्षर अंकित एक लेटर रेलवे को पोस्ट के माध्यम से भेजा है। जिसके बाद रेलवे के द्वारा अपनी जमीन पर कब्जा होने की आशंका से उस निस्तारी सड़क पर पक्की दीवार खड़ा कर दी गई। रविवार को इस मुद्दे पर चर्चा व विरोध की रुपरेखा तैयार करने आए दोनों राजनितिक दलों के साथ सैकड़ो लोगों ने बताया की मामला क्या है हमें नहीं पता परन्तु रेलवे द्वारा बिना जानकारी के हमें इस रास्ते से वंचित किया गया है। जबकि इस सड़क से न केवल हम अपनी रोजमर्रा की पूर्ति के लिए शहर,बाजार जाते है। बल्कि स्कूली बच्चे सहित लगभग दो हजार की जनसंख्या इस सड़क से आवागमन करते थे परन्तु रेलवे के द्वारा बिना चस्पा किए बैगर ही संतोषी मंदिर से गोविन्द नगर को जोड़ने वाली सड़क पर पक्की दीवार ख़डी कर दी गई है। जिसका खामियाजा इस सड़क से आवागमन करने वाली जनता के साथ स्कूली बच्चे भुगतने मजबूर दिखाई दे रहे है।

(रेलवे की सड़क पर पक्की सड़क निर्माण करने का जिक्र) दरअसल रेलवे को पोस्ट के माध्यम से एक पत्र मिला जिसमे वार्ड पार्षद केशरी इंगोले के फर्जी हस्ताक्षर अंकित कर सिरगिट्टी से संचालित रेलवे लोको सेड की पिछली दीवार के अंदर संतोषी मंदिर से गोविन्द नगर सिरगिट्टी की ओर 800 मीटर लम्बा एवं 30 फीट चौड़ा सीसी रोड का निर्माण करने की बात लिखी गई थी साथ ही 30 मई तक जवाब माँगा गया था। रेलवे द्वारा इसके जवाब मे कलेक्टर महोदय से प्राप्त आवेदन पर उपरोक्त पत्र में उल्लिखित शर्तो के अनुसार विचार की जानी की बात कहते हुए बिना अनुमित
सड़क निर्माण अवैध अतिक्रमण माना जाएगा तथा रेलवे के नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी की बात कही है ।

(आखिर किसने की रेलवे को दीवार ख़डी करने मजबूर) रेलवे की जिस सड़क से होकर लोग गोविन्द नगर पहुंचते थे रेलवे के बाद एक निजी जमीन था जिससे होकर लोग आगे आवागमन करते थे सूत्रों की माने तो उस निजी जमीन मालिक ने यह जमीन किसी को बेच दी है। अब उस मालिक ने यह षड्यंत्र रचा है या फिर इस खेल के पिछे राजनितिक तंत्र जुड़े है। जो अपनी रोटी सेकने इस तरह के खेल के माध्यम से निस्तारी रास्ते पर दीवार ख़डी करवा दिए यह क्षेत्र मे चर्चा का विषय है।

(सड़क की मांग के लिए लोग हुए एकत्र सौपेंगे ज्ञापन) उक्त करनी के कारण क्षेत्र की जनता काफ़ी आक्रोषित है उनकी सिर्फ लड़ाई निस्तारी सड़क की है। उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है की आखिर ए किसी की सोची समझी साजिस हो यां फिर रेलवे द्वारा बाउंड्रीवाल करने का कोई अन्य मकसद उनकी लड़ाई सिर्फ सड़क की है जो आज से कई सालो तक हमें मिला है। लोगो ने कहा की हमारी लड़ाई नहीं थमेगी इसके लिए स्थानीय लोग आज संबंधितो से ज्ञापन सौप अपनी समस्या से रूबरू कराएंगे उम्मीद है संबंधित हमारी मांग सुनेंगे।

(मामले की जांच हेतु एसी आईजी से करूंगी मांग- केशरी इंगोले पार्षद वार्ड 11) इस मामले वार्ड पार्षद केशरी इंगोले की माने तो किसी ने उसके नाम का फर्जी साइन करके सड़क बनने की झूठी बात रेलवे से की है जबकि यहां सड़क बनवाने की मांग नियम के अनुसार संबंधितो से की जा रही है जिस लेटर की जानकारी मुझे रेलवे द्वारा दी गई है दरअसल न ओ मेरे द्वारा जारी लेटर पैड है न ही उसमे मेरा हस्ताक्षर है मै इसकी शिकायत व निष्पक्ष जांच की मांग करूंगी।

