कन्हैया कौशिक – बिलासपुर
मांदर मंजिरे आतिशबाजी के साथ माता की हुई बिदाई।
ज्योत ज्वारे सहित प्रतिमाओ की झांकी रहा आस्था का केंद्र।

शारदीय नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक मां शक्ति की आराधना करने के बाद दसवें व ग्यारहवे दिन प्रतिमा विसर्जन के साथ दुर्गा पूजा संपन्न हो गया मंगलवार को सिरगिट्टी से जुड़े ग्रामीण अंचलो मे विराजित मूर्तियों को तालाब मे विषर्जन किया गया। वही सिरगिट्टी इलाके मे विजय दशमी मनाने के बाद बुधवार को भव्य झाकी निकाली गई इस दौरान बन्नाक चौक से लेकर बन्नाक डीह तक प्रतिमाओ की लम्बी कतार लग गई इलाके के अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन का दौर शुरू हो गया। नम आंखों से भक्तो ने माता की प्रतिमा को बडी वाहनो व जसगीत भजनों की रस वर्षा और मांदर मंजरे के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए बन्नाक स्थित तालाब के लिए निकले। इस दौरान कई स्थानों पर महिलाएं भी शामिल हुई और पारंपरिक धाप की धुन पर महिलाओं के साथ साथ युवा झुमते हुए जय दुर्गा का उद्घोष कर रहे थे इस दौरान तालाब के चारो तरफ सैकड़ो की संख्या में भक्तो की भीड़ इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए जुटी हुई थी क्षेत्र के माँ महामाया दुर्गा उत्सव समिति माता चौरा सहित उद्योग नगरी दुर्गा उसत्व समिति के समस्त सदस्यो ने तालाब घाट मे विसर्जन हेतु व्यवस्था बनाए रखा।



(तालाब मे लगी प्रतिमाओं की कतार)
बन्नाक चौक मे ऐसा पहली बार हुआ जब एक साथ लगभग दर्जन भर दुर्गा समिति एक साथ मूर्ति विसर्जन करने पहुंचे जिन मूर्तियों को क्षेत्र वासियों ने बीते तीन दिनों में घूम-घूम कर दर्शन किया बुधवार दोपहर 1 बजे के बाद से एक के बाद एक वाहनों में सजी फूलो के बिच माता की प्रतिमा बन्नाक चौक से निकलने लगी। इस दौरान पूरा चौक भक्ति मय माहौल में डूब गया वही यह दृश्य भी लोगो के आँखों मे बस गया ज़ब शहर मे निकलने वाले झाकियों के जैसा ही झाकी पहली बार सिरगिट्टी क्षेत्र के बन्नाक चौक पर देखा गया।
(घरो व मंदिरो मे विस्थापित ज्योत ज्वारे का भी हुआ विसर्जन)
सिरगिट्टी सहित आस पास ग्रामीण अंचलो के मंदिरो सहित लोगो ने अपने घरो मे मनोकामना ज्योति कलश के साथ ही ज्योत ज्वारा स्थापित किए थे जिसे पुरे दस दिन सेवा करने मे बाद बुधवार को शांति करते हुए विसर्जित किया गया। इस दौरान पिले वस्त्र पहने हुए सुहागिन महिलाओ ने सर पर ज्योति कलश सहित ज्वारा लिए हुए तालाब घाट पहुचे जहाँ मंगल आरती के बाद ज्वारा विसर्जित किया गया।


