– टीले व कटीले बबूल से लदे स्थान को सेकंड इनिंग की पहल से मिला मैदान रूप। क्षेत्र वाशियों के लिए यह मैदान कोई वरदान से कम नहीं।
– हर साल बारिश के बाद इसी रूप मे दिखने लगता है मैदान जहाँ होता है कई आयोजन।
कन्हैया कौशिक -(बिलासपुर ! सिरगिट्टी)
हर लोगो मे कुछ न कुछ कर गुजर जाने की चाह होती है परन्तु सिरगिट्टी के एक युवा मे ऐसी चाह रही की उसने स्वस्थ्य जीवन व निरोगी रहने के लिए अपने शरीर को खेल कूद के माध्यम से हस्त फुर्त रखने के उद्देश्य से एक टीले से पटे स्थान को न केवल समतल करवाया बल्कि अब वह एक मैदान का रूप ले लिया। जहाँ लोग जाना पसंद नहीं करते थे आज उस स्थान पर सुबह से शाम तक लोगो का चहल पहल रहता है युवक को अंदाजा ही नहीं था की उनका यह प्रयास एक दिन क्षेत्र वाशियों के सामने एक खेल मैदान के रूप मे सामने आएगा।
– निगम क्षेत्र सिरगिट्टी कभी ग्राम पंचायत होता था जहाँ बसाहटे कम होने के कारण बच्चे कही भी खेल कुद कर अपनी प्रतिभा निखार लेते थे परन्तु क्षेत्र मे जनसख्या इस कदर हावी हो गई की अब खेलने के लिए मैदान तो क्या गली मोहल्ले मे एक डिसमिल खाली जमीन भी नहीं बची है। जिसके चलते बच्चो की प्रतिभा निखर नहीं पा रही थी खेल कुद की कमी के चलते क्षेत्र के बच्चे बाल पन से ही नशे के गिरफ्त मे आ रहे थे। जिसे देखते हुए सर्वप्रथम सिरगिट्टी बन्नाक चौक निवासी रामखिलावन साहु द्वारा एक कटीले पेड़ पौधों से पटे जंगल नुमा जमीन को न केवल मेहनत बल्कि स्वम की पूंजी लगाकर उसे बच्चो के खेलने कूदने के लायक बनाया लगातार दो वर्षो की मेहनत करते हुए सिर्फ कुछ लोगो को साथ लेकर उस जमीन को समतल कराया। जहाँ लोग जाने से कतराते थे कड़ी मेहनत कर उस भूमि को एक मैदान का स्वरूप दे दिया लोग उस युवक को अब इस मैदान के रचयता के नाम से भी जानने लगे है। पहले तो इसमें रामखिलावान के साथ कुछ लोग ही थे जिसके बाद एक छोटा आयोजन कर इस मैदान को एक मुकाम तक पहुंचाया गया जिसके बाद क्षेत्र के कई लोग उस मैदान से जुड़ते गए अब इस परिवार मे सिर्फ एक दो नहीं लगभग 30 लोग शामिल है जिसमे न केवल वरिष्ठजन है बल्कि युवा व बच्चे भी है जिसके चलते इस मैदान को सेकंड इनिंग खेल मैदान का नाम दिया गया जिसमे विगत चार वर्षो से राज्य स्तरीय रात्रि कालीन प्रतियोगिता मे छत्तीसगढ़ के साथ ही कई राज्यों के खिलाड़ी अपने खेल का जोहर दिखा न केवल हर्षित हो रहे बल्कि इस परिवार को बधाई दे रहे है इस परिवार मे अध्यक्ष मनोज दुबे,उपाध्यक्ष रामखिलावन साहु,प्रवक्ता शितला प्रसाद त्रिपाठी ,बबला श्रीवास सहित सदस्य पप्पू कश्यप,शेखर राव,ऐलन,बंटी सोनी,कमलेश सिंह,राजु पटेल,राजु श्रीवास,पिंटू श्रीवास,चिंटू श्रीवास,श्रवण वर्मा,गौरव मिश्रा,युवराज साहु,युड़ी साहु,चीकू यादव,रवि श्रीवास,सुदीप रजक,धीरू सहित कई सदस्य भी सामिल है इस परिवार के द्वारा इस मैदान को भव्यता दिलाने क्षेत्र के कारखानो का भी सहयोग रहता है।
(हर साल लाखों खर्च कर बनाया जाता है खेल मैदान)
सिरगिट्टी क्षेत्र के निचले हिस्से मे होने के कारण हर साल बारिश के दिनों मे खेल मैदान पर पानी भर जाता है सूखने के बाद कीचड मे तब्दील हो जाता है छोटे छोटे पौधे उग आते है हालांकि इस दौरान भी यहां बच्चे फुटबाल खेलते रहते है। यहां बारिश के बाद हर साल समिति लाखो रुपए खर्च कर पुनः उसे मैदान का रूप देते है इसमें वार्ड पार्षद पुष्पेंद्र साहू के साथ ही निगम जोन प्रमुख प्रवेश कश्यप का भी सहयोग मिलते रहता है। मैदान बनाने के दौरान लाकडाउन मे भी समिति सुबह तीन बजे से नौ बजे तक कड़ी मेहनत कर साफ सफाई करते थे।
(बीते चार सालो से कई बड़े आयोजन अब इसी मैदान मे) गौरतलब हो की जिस स्थान मे लोग अपने पशुवों के खो जाने पर उसे ढूंढने नहीं जाते थे उस स्थान को एक मैदान का रूप मिलने से क्षेत्र वाशियों के लिए एक अच्छा स्थान मिल गया है। इस स्थान पर एक ओर जहाँ राज्य स्तरीय खेल कूद होता है वही अब रावत मेला,श्रीमद् भागवत कथा,रामायण सहित कई धार्मिक आयोजन भी किया जाता है।
(सरकार से मदद की आस लगाए समिति व क्षेत्र वासी)
क्षेत्र इतना बड़ा होने के बावजूद इस इलाके मे दूर दूर तक कोई खेल मैदान नहीं है एक खेल मैदान था जिसे सीएसआईडीसी ने विद्युत विभाग को लीज मे दे दिया। लोगो ने कड़ी मेहनत कर इस टीले नुमा स्थान को खेल मैदान का रूप दे दिया अब उसी मैदान को मैदान घोषित करते हुए उसे सुसज्जित करने की मांग मुख्यमंत्री सहित बाल विकास खेल मंत्री से भेट कर किया जा रहा है।

