कन्हैया कौशिक -{बिलासपुर}
-कुछ घंटो की बारिश से सड़क हुआ दलदल में तब्दील जिसमे चलकर लोग हो रहे दुर्घटना के शिकार।
-इसी सड़क से स्कूल आते है बच्चे व शिक्षक सड़क निर्माण को लेकर संबंधित उदासीन ।
-परसदा आवास से परसदा बस्ती व दाधापारा जाने वाला सड़क की स्थिति दयनीय।

बिलासपुर – 15 सालो से सड़क की दुर्दशा का दंश झेल रहे आमजन को राहत नहीं मिल पा रही है खस्ताहाल सड़क का सुधार कराने को लेकर जिम्मेदारों द्वारा भी लापरवाही बरती जा रही है जिसके चलते आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क पर कुछ कारखानो के भारी वाहन बेरोकटोक चौबीसो घंटे चलते है जिससे सड़क की स्थिति दयनीय हो चुकी है। कच्ची सड़क दम तोड़ चुकी है जिससे आक्रोषित ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चों ने सड़क बनवाओ या सड़क पर भारी वाहन बंद करों के कहते हुए जमकर नारे लगाए। नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 9 यातायात नगर परसदा आवास की परसदा आवास से लेकर परसदा बस्ती जाने वाले एक मार्ग पुरी तरह जर्जर हो चुकी है इसी सड़क का उपयोग करके स्कूली बच्ची स्कूल तो राहगीर दाधापारा स्टेशन जाते है। इस मार्ग की दुरी लगभग दो किलोमीटर की है जो इस छोर से उस छोर तक गड्ढों में तब्दील हो चुकी है बिते रात हुई बारिश के चलते कोयले की राबीस से भरी सड़क दलदल में बदल चुकी है जिसमे सायकल,मोटरसाइकिल के पहिए फिसल रहें है और लोग दुर्घटना के शिकार हो रहें है। आलम यह है की इस मार्ग से जानजोखिम में डालकर वहां के रहवासी आवागमन करने मजबूर है ग्रामीणों की माने तो इस सड़क की मरम्मत सहित निर्माण की मांग लम्बे समय से की जा रही है परन्तु कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहें है आंदोलन को देखते हुए कारखाने की ओर से सड़क मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया गया तब कही जाकर लोग सांत हुए अब देखना होगा सड़क निर्माण को लेकर संबंधित कितना गंभीर है।
(दुर्घटना का कारण बन रहा जर्जर सड़क)
इस मार्ग से चौबीसो घण्टे औद्योगिक छेत्र सिरगिट्टी तिफरा स्थित सीपीसीएल कोलवाशरी के दर्जनों डम्फर कोयले भर कर आवागमन करते है कोयले से भरी बड़ी वाहनों के दबाव के चलते मिट्टी की बनी सड़के पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। पूरा मार्ग पर कोयले की काली परत जम चुकी है इस मार्ग को ग्रामीणों के लिए बनाया गया था परन्तु उसका पूरा उपयोग कोलवाशरी द्वारा किया जा रहा है जो मार्ग अब आम आदमी के चलने लायक ही नही रह गया। सम्बंधित कोलवाशरी के प्रबंधक को मार्ग की देखरेख व समय समय पर मरम्मत कार्य कराना था,परन्तु उन्हें भी सिर्फ मार्ग का उपयोग करने से मतलब है छेत्र की समश्या से मानो सभी ने आँखे मूंद रखी है।
(एक मात्र सड़क जिसपर चलकर आते है स्कूल)
सड़क की स्थिति देख सहित लगातार उसे बनवाने की मांग ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों ने की थी परन्तु लम्बे समय बाद भी स्थिति जस के तस है जबकी इससे पहले भी इस मार्ग पर चलने वाले भारी भरकम ट्रेलरों को रोका गया था। बावजूद संबंधितो को इससे कोई सरोकार नहीं है जिससे आक्रोषित लोग सड़क बनवाओ नहीं तो इस सड़क से गाड़ियों का आवागमन बंद करों के नारे लगाते हुए ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चे सड़क पर उतर गए। स्कूली बच्चों ने कहा की इस सड़क पर सूखे दिनों में कोयले के राबीस तो उड़ता है तो बारिश में उसी कोयले के कीचड भरी सड़क पर चलना काफी मुश्किल होता है बारिश के दिनों में खास कर स्कूली युवतियों को काफी दिक्क़त होती है।


