{कन्हैया कौशिक बिलासपुर} – अज्ञात वाहन की ठोंकर से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया बिते पांच दिनों से नाजुक स्थिति से लड़ने के बाद आखिर कार लोगो की दुवा ने रंग दिखाया और युवक मौत के मुँह से निकलकर बाहर आ गया इसे प्रभु की इक्षा कहे या कुछ और पर जो लोगो को अब दिख रहा है लोग उसे महसूस कर रहें है वाकई किसी चमत्कार से कम नहीं है

गौरतलब हो की कोरमी यादव पारा निवासी संतोष यादव पिता स्व.रामजी यादव उम्र 38 वर्ष सिरगिट्टी तारबाहर गुरुद्वारे के पास टेक्नोसिस कम्प्यूटर एजुकेशन का संचालक करता है। जो बिते कुछ दिनों पहले एक दुर्घटना का शिकार हुए थे जिन्हे विपरीत व गंभीर स्थिति में परिजन निजी अस्पताल में भर्ती कराए डॉक्टरो की निगरानी व लोगो की दुवा ने आज उस गंभीर युवक को मौत के मुँह से बाहर निकाल दिया है कहते है दवा व दुवा दोनों मिल जाए तो एक करिश्मा होता है इस युवक के साथ ही कुछ ऐसा हुआ है। जिस युवक से अस्पताल में मिलने व देखने प्रतिदिन 200 से अधिक लोग पहुंच रहें है डॉक्टर व स्टाफ भी हैरान है की आखिर ऐसी क्या बात है जो युवक को देखने लोगो की कतार लगी रहती है।

{युवाओ सहित बुजुर्गो ने भी सलामती की कर रहें कामना }
युवक संतोष यादव तारबाहर स्थित गुरुद्वारे के पास कम्प्यूटर सेंटर चालते है यहा इनसे कम्प्यूटर ज्ञान लेने न केवल बच्चे बल्कि युवा वर्ग के युवक युवतिया भी आते है जबसे दुर्घटना के बारे में सभी सुने है तबसे बस उनकी सलामती की दुवा मांग रहें है ठीक इसी तरह वे अपने गाँव सहित आस पास के ग्रामीणों के दिलो में अच्छा स्थान बना रखे है
{सामाजिक कार्यो व आयोजनो में रहते है सामिल}
युवक संतोष न केवल क्षेत्र के समाजिक आयोजन बल्कि हर एक कार्यक्रम चाहे वे खेल से जुड़े हो या धार्मिक सभी में अपना समय देते है अगर बात करें इनके क्षेत्र में छवि की तो साफ सुथरी छवि के साथ ही हसमुख व मिलनसार युवकों में से एक है अगर बात करें खेल तो वे खेल प्रेमी भी है जो न केवल खेल जगत से नाता रखते है बल्कि गाँव के युवा पीढ़ी सहित युवतियों को खेल में बढ़चड़ कर हिस्सा लेने उत्साहित करते हुए बिते कई वर्षो से गाँव में राजस्तरीय कब्बडी प्रतियोगिता में अपने साथियों व पदाधिकारी के साथ ही आयोजन को भव्य रूप देते है जिसकी चर्चा न केबल ग्रामीण इलाको में बल्कि शहरों में भी होती है ।
{ जाने इनके परिवार के बारे में }
संतोष यादव जो की अपने परिवार में सबसे अनुज है जबकी इनसे बड़े पांच भाई व तीन बहने है इनकी शादी हो चुकी है और दो पुत्र है सभी भाई बहनो के लिए न केवल लाडले है बल्कि सब को एक कड़ी में बाँधने वाले आदर्श भाई है। इन्हे अपने परिवार सहित साथी गाँव वालो से काफी लगाव है गाँव में कुछ गलत हो तो उसका वे अकेले ही विरोध करते है इसी कारण वे स्कूल समिति के अध्यक्ष भी है।

