कन्हैया कौशिक -{बिलासपुर}
– बारिश ने परेशानी बढाई धान सहित कई फसलों पर पड़ेगा प्रभाव।
– सिलपहरी हरदी धान मंडी में छावनी का आभाव खुले आसमान के निचे धान
– लगातार गिर रहें पानी के चलते धान खरीदी प्रभावित।

बिलासपुर __पिछले दो दिनों से अंचल में खराब मौसम का दौर जारी है पहले दिन जहाँ बादल छाए रहें वही मंगलवार रात से दिनभर हुए बारिश से एक बार फिर किसानों की धड़कनें तेज हो गई। ज्यादातर किसानों के धान फसल खेतों में खुले आसमान के नीचे है तो अभी कुछ किसानो ने अपने खेतो के धान कटाई मिंजाई के बाद धान मंडी में बिक्री कर दिए है। सिरगिट्टी समीपस्त ग्राम पंचायत हरदी के मंडी में जहाँ अब तक 10000 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है जिसमे से लगभग 5800 क्विंटल धान का उठाव भी हो चुका है जबकी 4200 क्विंटल धान अभी मंडी में रखे गए है उसी तरह सिलपहरी सेवा सहकारी समिति मर्यादित धान मंडी में लगभग 18000 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। जिसमे से 960 हजार क्विंटल धान का उठाव हो चुका है जबकी दोनों ही मंडियो में बचे धान खुले आसमान के निचे है मंगलवार की रात 3 बजे से आई बारिश के चलते मंडी में रखे में से 20 प्रतिशत धान भींग चुके है। हालाकी दोनों ही मंडियो में तिरपाल व पन्नीयो से धान के छल्लियों को ढका गया है परन्तु कुछ तिरपाल पुरानी है जिसमे कई स्थानों पर छेद तो कुछ स्थानो से फट चुका है तो जरा सा हवा चलने पर उड जा रहा है मंडियो में चबूतरे तो बनाए गए है परन्तु छावनी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिसके चलते धान की छल्लियों में दूसरे किनारे से भी पानी पड़ रहा है अब पानी धीरे धीरे करके धान में रम जाएगा जिससे धान के अंकुरित होने की आशंका बनी हुई है।

(सुबह से शाम तक हुई बारिश आगे भी हुई बारिश तो बढ़ेगी किसानो की समस्या) विकासखण्ड बिल्हा अंतर्गत कई ग्रामीण अंचलो में जहाँ कई किसानो ने खेतो में धान की कटाई तो करली है। परन्तु घरो में रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत किसानो के करपा कट कर खेतो में ही पड़ा हुआ है। तो कुछ किसानो ने धान फसल की कटाई-मिंजाई तो कर ली है परन्तु धान बिक्री के लिए मंडी नहीं ले जाया गया है जिसे बारिश से बचाने किसान पन्नी से ढक रहें है। तो कई किसानो के खेतो में धान अभी भी खड़ा हुआ है अब जमीन गीली होने के कारण न तो खेतो में धान काटने हार्वेस्टर जा सकता है न हीं गीले धान को हाथ से कटाई की जा सकती है इस बारिश से किसानो की माथे पर चिंता की लकीरे दिखने लगी है ।

(बारिश के चलते अब कुछ दिनों धान खरीदी होगा प्रभावित) सिलपहरी धान मंडी में सड़क से मंडी जाने वाली सड़क पुरी तरह खराब हो चुकी है जगह जगह गड्ढे व मिट्टी की सड़क की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। मंगलवार की सुबह से लगातार हो बारिश के कारण दोनों ही मंडी परिसर की मिट्टी पुरी तरह गिली हो चुकी है जिसपर पैदल चलने मात्र से मिट्टी पैरो में लेटा बना रहा है। जबकि मिलो व किसानो के द्वारा यहां बड़े वाहनो से धान उठाने व बिक्री करने आते है अब जब तक मौषम साफ के साथ ही मंडी की मिट्टी सुख न जाए तब तक इन मंडियो में धान की खरीदी पुरी तरह प्रभावित रहेगी।
(तिलहन,दलहन की फ़सल खराब होने के कगार पर) सिरगिट्टी से लगे ग्रामीण इलाके जैसे कोरमी,बसिया,धुमा, सिलपहरी की किसानो की माने तो अगर बारिश इसी तरह होता रहा और मौषम नहीं खुला। तो हालही में तिवरा,मटर, अलसी,चने की पैदावार प्रभावित होंगी सब्जी तरकारी में कई सब्जी पानी में खराब होने की कगार पर पहुंच चुका है सब्जिया पानी में गलने लगा है। जो सब्ज़ी सब तोड़ने लायक़ हो चुका है जमीन गीली होने के कारण कुछ दिन ओ भी खेतो में ही पड़ा रहेगा समय पर नहीं टूटने व बिक्री नहीं होने के कारण काफी नुकसान होने की बात किसानो द्वारा की जा रही है ।

