कन्हैया कौशिक -{बिलासपुर}
– आजादी के बाद से अब तक नही बन पाई गाव की मुख्य सड़क।
– नाली निकासी की सुविधा नहीं घरो का पानी तालाब में हो रहा एकत्र।
– शहर से लगे पर हालात एम गाँव से बदतर।
– गाँव को अनदेखा किए जाने से आक्रोषित लोगो ने किया था चुनाव बहिस्कार।

विकासखंड बिल्हा अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत बोदरी के वार्ड क्रमांक 10 के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं आजादी के बाद आज देश में विकास की बात की जाती है लेकिन यहां की जनता नाली सड़क चिकत्सा जैसे मूलभूत सुविधाओं के मोहताज है। यह कोई ग्रामीण क्षेत्र की बात नहीं है बिलासपुर शहर से लगे ग्राम दडहा की है यहा की मुख्य सड़क को ही देख कर इस गाँव की विकास से आप रुबरु हो जाएंगे आजादी के बाद से बसे इस ग्राम की मुख्य सड़क आज भी उसी तरह गिट्टी व मुरुम की है जिस समय यहा की कुल आबादी मात्र 400 की थी। जबकि अब यहा की आबादी लगभग 2500 लोगो की है किसी भी गांव के भविष्य और विकास के लिए सड़क और नाली सबसे मूलभूत सुविधाएं है लेकिन यहा आज भी लोग उसी सड़क का उपयोग कर रहें है जिस 3 किलोमीटर सड़क पर पहले लोग बैल गाडी से इस ग्राम में आते थे। नाली के नहीं बनने से लोगो के घरो का पानी घरो के सामने गाँव के एक मात्र सड़क पर निरंतर बह रहा है जो बहते हुए गाँव के निस्तारी तालाब पर एकत्र हो रहा है। तालाब का पानी पुरी तरह दूषित है जिसपर यहा के ग्रामीण निस्तारी करने मजबूर है स्वास्थ्य सुविधा की बात करें तो यहा के लोग दर दर भटक कर अपना उपचार कराते है यहा सरकारी तंत्र पुरी तरह निष्क्रिय है।


(पटवारी को बंधक बनाकर लोगो ने कर दिया था चुनाव बहिस्कार)
बिते दिनों राज्य में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुआ परन्तु इस गाँव के लोगो ने सड़क की मांग पुरी नहीं होने पर चुनाव बहिस्कार कर दिया इस बूथ में एक भी वोट नहीं डाला गया। विवाद देखते हुए गाँव पुलिस छावनी में तब्दील हो गाँव में मुलभुत सुविधा की मांग लाजमी है। लोगो ने सड़क बनाने की मांग को लेकर अनगिनत बार जिला कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया परन्तु न जाने क्यों इस ग्राम की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
क्या कहते है ग्रामीण
(मुरुम की सड़क लोग आने से कतराते है- दूरपत बाई)
मै शादी होकर ज़ब से इस गाँव में आई हु सड़क की स्थिति जस के तस है इस सड़क पर आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है चुनाव के समय आते ही यहा नेता वोट मंगने आते है। पर उसके बाद कभी हमारी ओर देखते तक नहीं शायद उन्हें भी इस जर्जर सड़क से आने में तकलीफ होती है जिस सड़क से हम व हमारे छोटे छोटे बच्चे रोज आते जाते है।

( नाली नहीं गली पर बहता है गंदा पानी – शांति बाई लोधी)
गाँव में सड़क तो दूर नाली भी नहीं बनाई गई है लोगो के घरो से निकलने वाले गन्दा पानी सड़क पर बहता है जिसपर चलकर हम गुजारा करते है। पानी की समस्या भी हमेशा रहती है आज ग्रामीण क्षेत्रों में इससे ज्यादा सुविधा लोगो को मिल रही है पर हमें शिवाय सरकारी राशन के कुछ भी नहीं मिला है।
(गांव में नहीं है स्वास्थ्य सुविधाए-शिव प्रसाद ) इस गाँव में अगर किसी की तबियत खराब हो जाए तो उसे ले जाने एम्बुलेंस तक नहीं आती जिसका मुख्य कारण यही सड़क है। गाँव में किसी भी तरह का स्वास्थ्य सुविधा हेतु सरकारी छोटा बढ़ा अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र नहीं है आज लोगो की सबसे बडी जरूरत सड़क नाली पानी व चिकित्सा है पर यहा कुछ भी नहीं है।
(ग्रामीणों की आस चुनाव परिणाम पर टिकी) ग्रामीणों की माने तो इसी विधानसभा में दोनों ही राजनितिक नेता का बसेरा है जिनका आशियाना भी महज यहा से कुछ ही दुरी पर है जबकी दोनों पार्टी के प्रमुख लम्बे समय से इस विधानसभा के पालन हार बन रहें है। परन्तु इस गाँव के ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया अब आगे भी इन्ही दो में से एक इस विधानसभा के राजा बनेगे ग्रामीणों की आस ए भी है की आगे सरकार उनके प्रति थोड़ा ध्यान जरूर देंगे गाँव की विकास पर गौर करेंगे।

