कन्हैया कौशिक-बिलासपुर
– दड़हा के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा गाँव पुलिस छावनी में तब्दील।
– ग्रामीणों ने पटवारी एसडीएम तहसीलदार सहित सीएमओ को निलंबित करने की रखी मांग।
– मस्तूरी विधानसभा के धुमा व मानिकपुर में भी चुनाव का बहिस्कार।
-रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे से पुलिस प्रशासन हिला।

बिलासपुर – सिरगिट्टी से लगे बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत बोदरी के दडहा की मुख्य सड़क शुरू से ही मिट्टी मुरुम की है जिसमे पक्की सड़क बनाने की मांग कई वर्षो से की जा रही है परन्तु ग्रामीणों की मांग आज तक अधर में लटकी हुई है। जिससे आक्रोषित ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार कर दिया इसी दौरान हल्का पटवारी के द्वारा अपने निजी वाहन से बाहरी मतदाताओ को मतदान कराने लाना भारी पड़ गया जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को पड़ी सभी एकजुट होकर रास्ते में ही पटवारी व बाहरी मतदाता को कार समेत बंधक बना लिया जिसकी जानकारी पिठासिन अधिकारी सहित चकरभाठा टीआई को मिली मतदान केंद्र से अधिकारी बाहर आकर उपस्थित ग्रामीणों को समझाईस देते रहें परन्तु किसी ने उनकी एक नहीं सुनी आक्रोषित महिलाओ सहित पुरुषो ने जमकर हंगामा कर दिया घंटो युवकों की भीड़ पटवारी की करनी से भड़क उठा ग्रामीण एक तरफ रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाते रहें वही दूसरी तरह पटवारी व तहसीलदार को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहें। लोगो की आक्रोश आग की तरह बड़कता व मामला गरमाता देख इसकी सुचना बिलासपुर एस पी को दी गई जिसके साथ ही सैकड़ो पुलिस जवान सहित आला प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुचे इस बिच कुछ युवकों के साथ स्थानीय पुलिस की झड़प भी हुई परन्तु ग्रामीणों की भीड़ डटी रही देखते ही देखते गाँव पुलिस छावनी में तब्दील हो गई मौके पर पहुचे एसपी राजेंद्र जायसवाल मोर्चा सम्हालना चाहे पर ग्रामीण अपनी मांगो पर डटे रहें।

{मतदान क्रमांक 210 में नहीं हुआ मतदान}
ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने के कारण बिते 30 तारिक को ही जिला प्रशासन को चुनाव बहिष्कार करने की सुचना दे दी थी जिसके बाद न तो ग्रामीणों की समस्या अधिकारी की दिखी न ही संबंधितो को जिससे आक्रोषित ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने का बोर्ड कई स्थानो पर लगाए जिसे देखने के बाद भी किसी ने संज्ञान नहीं लिया नहीं लोगो से बात करना चाहा जिसके कारण मतदान शुरू होते ही किसी भी मतदाता ने मतदान केंद्र क्रमांक 210 में जाकर वोट नहीं डाला सुबह से शाम हो गया मतदान दल ग्रामीणों की राह ताकते रहें। करीबन 2 बजे पटवारी के द्वारा कुछ लोगो को अपने कार में बैठाकर मतदान करने लाया गया जिसके बाद लोगो का आक्रोश भड़क गया लोगो ने कहा ज़ब गाँव वालो ने चुनाव बहिस्कार कर दिया है तो पटवारी को बाहरी मतदाता लाने की क्या जरूरत है।

{ग्रामीणों के साथ ही डटी रही पुलिस फ़ोर्स} ग्रामीणों की मांग सड़क के साथ ही अब बिल्हा एसडीएम,तहसीलदार,नगर पंचायत सीएमओ सहित हल्का पटवारी को निलंबित करने की मांग पर दोपहर से रात्रि तक डटे रहें। ग्रामीण कार में बैठे पटवारी सहित बाहरी मतदाता को बंधक बनाकर रखे रहें एसपी जायसवाल ग्रामीणों को समझाते रहें परन्तु ग्रामीण जो होगा देखा जाएगा की जिद्द पर डटे रहें ग्रामीणों के साथ ही पुरी पुलिस फोर्स भी वहा मौजूद रहें।

{ग्रामीण मुलभुत सुविधा से है वंचित }
नगर पंचायत बोदरी का वार्ड यह भी है जो की शहर से लगा हुआ है 1986 से विस्थापित इस गाँव में न तो लोगो के आवागमन के लिए पक्की सड़क है न ही पानी निस्तारी के लिए नाली की व्यवस्था है यहा मतदाताओ की संख्या लगभग 1050 की है जबकी आबादी दो हजार से भी अधिक लोगो की है जिसके घरो का पानी तालाब में जा रहा ही लोग उसी में निस्तारी कर रहें है। ग्रामीणों की समस्या बरसात में बद से बदतर हो जाती ही ज़ब गाँव के एक मात्र सड़क पर कीचड़ ही कीचड रहता है वही सूखे दिनों में धूल से लोगो क जीना मुहाल हो जाता है। समय रहते इस सड़क व लोगो की समस्या को अनदेखा नहीं किया जाता तो शायद आज लोग अपने मत का प्रयोग उत्साह पूर्वक करते अब लोग पुलिस की गाडी में ही जिला कलेक्टर के पास जाने की जिद्द पर डटे हुए है।

