– इस मामले मे आज शाम 4 बजे होगा खुलासा।
बिलासपुर / प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में करोड़ों रुपये के सोने और लाखों रुपये नगदी की चर्चित सराफा लूट मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। वारदात को अंजाम देकर राज्य की सीमा पार कर उत्तरप्रदेश भागे बदमाशों को आखिरकार यूपी पुलिस की सक्रियता ने मिर्जापुर में दबोच लिया है।
सूत्रों के मुताबिक लूट के बाद आरोपी कारोबारी की कार लेकर फरार हुए और उर्तुम इलाके में वाहन छोड़कर स्कॉर्पियो व आई-20 जैसी गाड़ियां बदलते हुए उत्तरप्रदेश की ओर निकल गए। बताया जा रहा है कि वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ियां अकलतरा और मैनपाट से चोरी की थीं जिससे साफ है कि पूरी घटना बेहद सुनियोजित थी।

जानकारी के अनुसार, आरोपी पिछले छह महीनों से सीपत क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर कारोबारी की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर उनकी गतिविधियां पकड़ में नहीं आ सकीं और वे सीमा पार करने में सफल रहे।
मिर्जापुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई को अपर्णा गौतम (पुलिस अधीक्षक) के निर्देशन में अंजाम दिया गया। उनके मार्गदर्शन में मंजरी राव (क्षेत्राधिकारी, चुनार) और शिखा भारती (क्षेत्राधिकारी, ऑपरेशन) ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। मिर्जापुर पुलिस और एसटीएफ की टीम ने अहरौरा के जंगल में घेराबंदी कर बदमाशों से मुठभेड़ की, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी और कुल चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर कई किलो सोना, भारी नकदी और असलहे बरामद किए गए। अधिकारियों की समन्वित रणनीति और त्वरित निर्णय क्षमता को इस पूरी कार्रवाई की सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने बिलासपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये की लूट के बाद आरोपी न सिर्फ शहर से निकलने में सफल रहे, बल्कि राज्य की सीमा पार कर उत्तरप्रदेश तक पहुंच गए और स्थानीय तंत्र को समय रहते इसकी भनक तक नहीं लगी। बताया जा रहा है कि आरोपी महीनों से क्षेत्र में रहकर रेकी कर रहे थे इसके बावजूद खुफिया निगरानी और नाकेबंदी व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हुई। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी बड़ी वारदात के बाद भी शुरुआती स्तर पर चूक क्यों हुई। मिर्जापुर में हुई पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैर में गोली लगने की खबर है। हालांकि शॉर्ट इनकाउंटर को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। बताया जा रहा है कि यूपी पुलिस की तत्परता और समन्वित कार्रवाई के चलते गिरोह तक पहुंच बन सकी।

