कन्हैया कौशिक – {बिलासपुर}


– गौठान मे पशु के जगह आसामाजिक तत्वों का बसेरा।
– लाखों के लागत से हुए कई कार्य पर उपयोग नहीं।
– वर्मी खाद के स्थान पर सूखे गोबर व उग रहा कटीले पौधे।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बारी के अंतर्गत विकाश खंड बिल्हा अंतर्गत आने वाले अधिकांश गौठान का हाल बेहाल है यहां न तो पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है न ही पिने के लिए पानी यही नही यहां पशुओं को रखने लिए सेड क भी निर्माण नही की गई है हैरानी की बात यह है की शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। सिरगिट्टी से लगे ग्राम पंचायत बसिया प्रवेश द्वारा स्थित बनाए गए गौठान मे न तो पशुओ के लिए चारे की व्यवस्था की गई न ही कोटने मे उनके लिए पानी का इंतजाम किया गया है यही नही पशु जहा रखे जा रहे है वहा सेड की व्यवस्था नही की गई है साथ ही जिस स्थान पर मवेशीओ को रखा जाना है वहा कुछ माह पहले गिरे इट का ढेर पड़ा हुआ है जिसे आज तक नहीं उठाया गया है। ग्राम मे मवेशी सड़को पर दिखाई पड़ रहें है गुरुवार दोपहर जब नवभारत की टीम बसिया गौठान पहुंची तब न तो वहा एक भी मवेशी दिके न ही वहा चारे की व्यवस्था थी नं पिने के लिए पानी की एसे मे इस योजना पर फदित्ता लग रहा है देखा जाए तो इस गौठान मे किसी प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है इसके बाद भी उनको आदर्श गौठान का तमगा दिया गया है। इस संबंध मे ज़ब हमने सरपंच से बात किया तब उनके द्वारा गौठान समिति देख रही है बोलते हुए एक सिरे से बात को नकार दिया गया जबकी अध्यक्ष नियुक्त किए हुए मात्र 4 माह हुआ है इससे पूर्व गाँव के सरपंच ही गौठान की देख रेख व व्यवस्थापक हुआ करता था ग्रामीणों की माने तो उस समय भी यहा चारा पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी भूख के वजह से मवेशी भी मर चुके है ।
(लाखो रुपए की लागत से हुआ काम चढ़ा भ्रष्टाचार के हथे) ग्राम पंचायत बसिया के गौठान प्रांगण मे बिते वर्ष महात्मा गाँधी रा.ग्रा.रोजगार योजना के तहत स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2 लांख 10 हजार व 15 वे वित्त के राशि 2 लाख 17 हजार की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण तो कराया गया है। पर इसे अब तक ग्रामीणों के हवाले नहीं किया गया है जबकि इसके लिए बनाए गए सीढ़ी जमीन से उखड़ चुका है इसी तरह जिला खनिज न्यास मत से इस गौठान मे 2 लाख 34 हजार की लागत से चैन लिंक फेसिंग सहित लोहे के गेट का निर्माण कराया गया है। जिसे देख कर ही अंदाजा लगाया जा सकता है की इन सभी कार्यो मे राशि का जमकर बंदरबाट की गई है जबकि सभी के लिए कार्य एजेंसी स्वम सरपंच की रही।
(गौठान के अंदर मवेशी नहीं पर आसमाजिक तत्वों का रहता है डेरा)
उक्त गौठान के अंदर बनाए गए एस.एच.जी सेड के बाहर लिखा है सभी रोगों की एक दवाई घर मे रखो साफ सफाई भले ही इसे लोगो को स्वछता के प्रति जागरूक करने लिखा गया है। परन्तु यहा साफ सफाई दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है नव निर्मित कमरे के अंदर गंदगी का भरमार है इसके साथ ही न केवल गौठान परिसर मे बल्कि उक्त कमरे मे शराब की अनगिनत खाली बोतल सहित पानी पाउच डिपोजल पड़ा हुआ है। शायद इस गौठान का देख रेख भी उन्ही आसमाजिक तत्वों के भरोसे है जो यहा गंदगी फैला रहें है।

उषा कृष्णा कुमार यादव{सरपंच बसिया}
गौठान को पहले मै ही देखता था पर अब उसे गौठान का अध्यक्ष व समिति देख रहा है, हमारे बिना जानकारी के वहा बोर भी हुआ है पर अब तक उसमे पम्प नहीं डाला गया है चारा पानी की जानकारी मुझे नहीं है।


