
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदिरा विहार निवासी एक व्यापारी अयोध्या यादव ने पार्षद अमित तिवारी, अभिषेक तिवारी और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से न्याय की मांग की है। व्यापारी ने कहा है कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, लाखों रुपये की अवैध मांग की जा रही है और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो उसका परिवार किसी भी अनहोनी का शिकार हो सकता है। प्रेस क्लब बिलासपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अयोध्या यादव ने पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि नवंबर 2020 में उन्होंने विष्णु दास खंडेवाल की दुकान (जो जरहाभाठा मंदिर चौक, सुभाष कांपलेक्स में स्थित है) किराए पर ली थी। इससे पहले यह दुकान अभिषेक तिवारी के पास किराए पर थी, जहां वह स्टील फेब्रिकेशन का कार्य करता था। दुकान खाली करने के बाद अभिषेक ने ही अयोध्या को व्यवसाय शुरू करने का सुझाव दिया, जिसे मानकर उन्होंने काम शुरू किया। पीड़ित अयोध्या यादव ने कहा, मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा है। यदि समय रहते पुलिस ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
(व्यापार बढ़ा, तो शुरु हो गया दबाव बोला कमीशन देना पड़ेगा)
अयोध्या यादव ने आरोप लगाया कि जैसे ही उनका व्यापार बढ़ने लगा, अभिषेक तिवारी ने पहले उन पर चोरी का झूठा आरोप लगाया। इसके बाद, बिना किसी अनुबंध के हर महीने जबरन किराया वसूला जाने लगा। पीड़ित ने बताया कि वह शुरू में अभिषेक की सरजु बगीचा, तेलीपारा स्थित दुकान से सामान लेता था, लेकिन रेट अधिक होने के कारण अन्य दुकानों से सामग्री खरीदनी शुरू कर दी। इसी बात से खफा होकर अभिषेक ने पार्षद अमित तिवारी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
(परिवार ने डर के चलते छोड़ा घर )
व्यापारी ने बताया कि आरोपी उनसे लाखों रुपये की अवैध मांग कर रहे हैं और न देने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि उनका पूरा परिवार कई दिनों तक रिश्तेदारों के घर में छिपकर रहा। आखिरकार, उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है और एफआईआर दर्ज कर ठोस कार्रवाई की मांग की है।

