– कॉलेज और स्कूली विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा सामान्य जनता की बढ़ेगी परेशानी।
– धिमी गति से चल रहा काऊ कैचर बनाने का काम।

छत्तीसगढ़/बिलासपुर- तारबाहर सिरगिट्टी अंडर ब्रिज से आवागमन करने वाले लोगों के लिए रेलवे ने एक बार फिर विकट समस्या खड़ी करदी है। दरअसल मवेशियों से निजात दिलाने व काऊ कैचर बनाने के नाम पर रेलवे उस अंडर ब्रिज को अगले 10 अगस्त तक बंद करने का प्रस्ताव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे है। इस फरमान के जारी होते ही इस ब्रिज से आवागमन करने वाले लोगों के चेहरे एक बार फिर मुरझा गया है। गौरतलब हो की तारबाहर अंडर ब्रिज के अंदर मवेशियों का जमावडा से लोगों को काफ़ी समस्या से जूझना पड़ रहा था जबकी रेलवे द्वारा बिते एक वर्ष पूर्व ही सिरगिट्टी अंडर ब्रिज मे सिरगिट्टी की तरफ अंडर ब्रिज का निर्माण कराया है रेलवे चाहती तो उस समय भी काऊ कैचर का निर्माण करा सकती थी। परन्तु रेलवे काऊ कैचर बनाने के लिए अचानक अंडर ब्रिज से लोगों का आवागमन बंद करते हुए 15 जुलाई से 25 जुलाई तक दस दिनों के लिए अंडर ब्रिज को लोगों के आवागमन के लिए बंद कर दिया। इस दौरान न सिर्फ आमजन बल्कि स्कूली बच्चे भी अव्यवस्थित मार्गो सहित काफी दुरी तय कर अपने अपने स्कूल व कार्यस्थल जाने मजबूर दिखाई दे रहें है। स्कूली बच्चे सहित महिलाए न चाहते हुए भी दुर्घटना जघन्य मार्गो से आवागमन करने मजबूर है वही रेलवे द्वारा एक बार फिर लोगों की जख्मो मे मरहम के जगह नमक छिड़कने का फरमान जारी कर दिया है। उक्त अंडर ब्रिज को 25 जुलाई से 15 दिनों के लिए बढ़ाते हुए 10 अगस्त तक बंद करने का प्रस्ताव जिला कलेक्टर के समक्ष रखा है। जबकी वर्तमान मे स्कूली बच्चों के विद्यालयों में टेस्ट परीक्षा के साथ ही कुछ ही दिनों मे रक्षा बंधन का त्यौहार है ऐसे में लोगों की समस्या बढ़ती दिखाई दे रही है।

(अपने कार्य को महत्व जनता की समस्या को अनदेखी कर रही रेलवे) रेलवे द्वारा 16 जुलाई को ही अंडर ब्रिज से आवागमन बंद कर दिया गया था जिसके बाद काऊ कैचर बनाने के लिए ब्रिज के दोनों तरफ खुदाई करवाया गया था। उक्त खुदाई को हुए लगभग 6 दिन हो गया रेलवे द्वारा अब तक सिर्फ एक तरफ लोहे बिछाए गए है जबकी दुरी ओर उसी तरह छोड़ दिया गया है। उक्त कार्य कछुवे की चाल से भी धीमी गति मे चल रहा है जबकी इससे विपरीत रेलवे ने ब्रिज के अंदर हुए कई खामियों को छुपाने का काम करवा रही है जों काम काऊ कैचर को दर किनार कर तेजी से जारी है।

(भारीवाहनो के दबाव के साथ जर्जर सड़क पर चलने की मजबूरी) अंडर ब्रिज होने के कारण एक तरफ सिरगिट्टी सहित उससे जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के लोग शहर आवागमन के लिए या तो चुचुहियापारा अंडरब्रिज का उपयोग कर रहें है या फिर औद्योगिक परिक्षेत्र का ओव्हर ब्रिज जबकी यह दोनों सड़क सुरक्षा की दृष्टि से उपयोग लायक नहीं है ओव्हर ब्रिज के ऊपर भारी भरकम गड्ढे के साथ ही रात्रि मे प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है वही दूसरी ओर गांवो की सड़क से होकर रेलवे की तरफ आने से गांवो के साथ ही फदहाखार गेट के सामने सड़क पुरी तरह जर्जर हो चुकी है लोग समय के साथ ही जान हथेली मे रखकर आवागमन करने मजबूर है।

