// नव संवाद //। बिलासपुर ।
वंदे मातरम मित्र मंडल की 204 थी बैठक सिरगिट्टी स्थित आयुष पैलेस में संपन्न हुई बैठक में मंच पर बैठक की अध्यक्षता कर रहे जय प्रकाश लाल ,प्रदेश महामंत्री जय सिंह चंदेल,वार्ड क्रमांक 70 के पार्षद सीनू , वार्ड क्रमांक 12 के पार्षद विजय मरावी , एस ई सीआर के ब्रिज डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र प्रसाद,अरुण पटनायक डायरेक्टर एमिटी यूनिवर्सिटी,आयुष पैलेस के संस्थापक दिनेश कौशिक उपस्थित थे।

मंच का संचालन पृथ्वी सहगल ने किया
संगठन गीत महेंद्र पटनायक ने लिया
सर्वप्रथम वन्देमातरम मित्र मंडल के गठन की आवश्यकता उद्देश्य अभी तक किए गए कार्यों और आगे के योजनाओं पर सारगर्भित उद्बोधन श्रीनारायण तिवारी, पूर्व अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल ने रखा। वंदे मातरम मित्र मंडल के गठन के उद्देश्य किए गए कार्यों एवं आप आगे भविष्य में योजनाओं के विषय में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की जाति पात का भेद मिटाने के अपने उद्देश्य को सार्थक करने के लिए वंदे मातरम मित्र मंडल ने सफाई मित्रों के साथ भोजन किया उनका सम्मान किया उनके चरण को धोया गया और उन्हें अपने समकक्ष स्थान दिया गया।

(हिंदुत्व एकता को सुदृढ़ करने के प्रयास) यह विषय सभा के समक्ष पृथ्वी सहगल के द्वारा दिया गया। इस पर एक विचार विमर्श करने के लिए सर्वप्रथम खुला मंच के तौर पर उपस्थित सदस्यों से आग्रह किया गया।
उक्त विषय में सर्वप्रथम प्रफुल्ल मिश्रा जी ने विचार रखा और कहा कि सिर्फ कहने से नहीं बल्कि कृतित्व से भी हमें हिंदू एकता को सुदृढ़ करना पड़ेगा। हम सिर्फ इस बात को कहते रहेंगे कि हम जाती पात के अंतर को खत्म कर रहे हैं तो ऐसा नहीं होगा बल्कि उसको जमीनी तौर पर हकीकत में बदलकर खुद के द्वारा करने के बाद ही हम अपने उद्देश्य में सफल होंगे।

उक्त विषय में श्री प्रदीप मुखर्जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि शैक्षणिक स्तर पर धर्म जागरण अत्यंत आवश्यक है ।बच्चों को अपने धर्म के प्रति जागरूक करना तथा सभी शिक्षाओं के साथ धर्म को एक आवश्यक तत्व बनाकर उनका जागरण करना चाहिए ।

इसी कड़ी में भृगु अवस्थी संयोजक धर्म जागरण मंच ने कहा कि हिंदुत्व एकता के लिए आवश्यक है कि हम अपने धर्म के प्रति कट्टर हो । हम अपने धर्म का सम्मान करें। हमें अपने धर्म के प्रति महान गर्व हो, प्यार हो , तो हम किसी और धर्म के लिए आकृष्ट हो ही नहीं सकते। कोई हमें लालच में डाल ही नहीं सकता। विचार विमर्श के कड़ी में श्री संजीव साहू ने सतत बैठक के माध्यम से संपर्क पर बल दिया। शैलेंद्र प्रसाद ने विचार विमर्श के लिए दिए विषय पर विचार रखते हुए कहा कि हिंदू एकता के सुदृढ़ता के लिए हमें धर्मांशके रूप में कुछ राशि किसी ऐसे संगठन को जो हिंदुत्व के लिए ईमानदारी के साथ काम कर रहा है उसे अवश्य देना चाहिए ।किसी धार्मिक न्यास को देना चाहिए ऐसा करने के लिए सबसे आव्हान किया। अरुण पटनायक ने अपने विचार रखते हुए कहा कि घर से ही हमें हिंदुत्व एकता की नींव डालनी होगी ।

वेदों का ज्ञान देना होगा। इस कड़ी में उन्होंने कहा कि मैं अन्नपूर्णा कॉलोनी में अपने निवास में हर वर्ग के लिए खासकर बच्चों और युवा वर्ग के लिए वेद पुराणों का ज्ञान की कक्षा संचालित करता हूं जिसे भी जरूरत हो वह मुझसे संपर्क कर सकते हैं। मैं सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहूंगा। और मातृ भाषा के उपयोग के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। अंत में जयप्रकाश लाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र जैन के विजन, त्याग मेहनत का परिणाम है कि वंदेमातरम मित्र मंडल आज अपने 204थे बैठक का संचालन कर रहा है। मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए जात-पात को खत्म करते हुए सबको एक सूत्र में बांधने का आव्हान किया।

अतिथि सत्कार की परंपरा को जारी रखते हुए मंच पर उपस्थित अतिथियों का वंदे मातरम मित्र मंडल के द्वारा स्मृति चिन्ह घड़ी देते हुए सम्मान किया गया। शपथ राजेश जायसवाल जी के द्वारा लिया गया तत्पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम जय सिंह चंदेल के द्वारा लेने के पश्चात वृक्षारोपण के कार्यक्रम जो कि वहां के आयोजनकर्ताओं के द्वारा निर्धारित किया गया था में सम्मिलित होने के पश्चात बैठक समाप्ति की गई।

