लाकडाउन मे कोरमी के दर्जन भर लोग नशीली शिरप पी कर समाए थे मौत के आगोश मे।
बिलासपुर। शहर से लगे लोफंदी गांव में एक के बाद एक 9 लोगों की मौत ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। ग्रामीण मौत का कारण जहरीली शराब को बता रहे है लेकिन प्रशासन फूड प्वाइजनिंग बताने पर तुली हुई है। इधर पूरा गांव पुलिस की छावनी में बदल गया है और घर घर जाकर स्वास्थ विभाग की टीम सर्वे कर रही है। फिलहाल प्रशासन बिसरा जांच की रिपोर्ट आए बिना कुछ भी कहने से बच रही है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि फूड प्वाइजनिंग का मामला रहता तो मृतकों की संख्या और ज्यादा होती। क्योंकि विवाह समारोह में बच्चों के अलावा महिलाएं भी शामिल थी।

लोफंदी गांव में पिछले तीन दिन से मातम छाया हुआ है। क्योंकि एक के बाद वहां लोगों की मौत हो रही है। मौत की वजह जहरीली शराब को बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव में तीन से चार लोग अवैध रूप से कच्ची शराब बेचते है। उनमें एक लहरे परिवार भी शामिल है। मंगलवार को जिसने भी लहरे परिवार से शराब खरीदकर पिया उनकी तबियत खराब होती गई। उन्हें पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आना और सुस्ती आने जैसी समस्या शुरू हो गई। इसके बाद गांव में मौत का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले 5 फरवरी को देवप्रसाद पटेल एवं शत्रुहन देवांगन की मृत्यु हुई। इसके बाद 7 एवं 8 फरवरी को 5 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जिनमें नाम रामूराम सुनहले, कोमल लहरे, कन्हैया पटेल, बलदेव पटेल एवं कुन्नू देवांगन शामिल है। इसके बाद तो गांव में कोहराम मच गया। गांव लगातार मौत होने की जानकारी जिला प्रशासन को शुक्रवार को ही खबर लग गई थी। फिर 8 फरवरी को मौके पर जिला प्रशासन की टीम पहुंची और मृतक रामूराम सुनहले पिता बबईराम का शव बरामद किया एवं पोस्ट मार्टम के लिए तत्काल सिम्स भेज दिया। डॉक्टरों की टिम यहां शव का पोस्टमार्टम किया है। लेकिन अभी रिपोर्ट आना बाकी है। इधर जिला प्रशासन एवं पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम में पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम एवं स्वास्थ विभाग की टीम शामिल थी। प्रशासन का कहना है कि मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से प्रारंभिक पूछताछ एवं जांच-पड़ताल के आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि ग्राम लोफंदी निवासी श्रवण देवांगन के घर पर हुए वैवाहिक कार्यक्रम 3 फरवरी से 6 फरवरी के बीच शामिल हुए थे और सामूहिक भोज किया था। प्रशासन का यह भी कहना है कि ग्रामीणों से विस्तार से पूछे जाने पर उनके द्वारा यह बताया गया कि कुछ ग्रामीणों 6 फरवरी को नदी से मछली पकड़कर नदी के किनारे पकाकर सेवन किया था। कुल मिलकर अधिकारी फूड प्वाइजनिंग की ओर संकेत कर रहे है। लेकिन अधिकृत रूप से कोई बयान जारी नहीं कर रहे है। फिलहाल गांव में अभी स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, मितानिनों एवं नगर निगम की एमएमयू यूनिट विशेष स्वास्थ्य कैम्प लगाया है। जिसमें उनके द्वारा डोर टू डोर सघन अभियान चलाकर जांच की जा रही है।
(मृतको का नाम)
1. कन्हैयालाल पटेल पिता चैतराम पटेल 60 वर्ष
2. शत्रुहन देवांगन पिता महेत्तर देवांगन 40 वर्ष
3. बलदेव पटेल पिता छेदीलाल पटेल उम्र 52 वर्ष
4. कोमल लहरे पिता गयाराम लहरे 56 वर्ष।
5. रामूराम सुनहले पिता बबईस सुनहले 59 वर्ष।
6. कुन्नू देवांगन पिता बाबा देवांगन 35 वर्ष।
7. देव कुमार पटेल पिता चैतराम पटेल 45 वर्ष।

