– खेतो व उसके मेड मे लगे हाई टेंशन विद्युत पोल।
– जान की बाजी लगाकर डर के साए मे खेती करने मजबूर है किसान।
बिलासपुर !!! निगम क्षेत्र सिरगिट्टी से जुड़े ग्रामीण इलाको मे खेतों के ऊपर से निकली बिजली की हाईटेंशन लाइन किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। किसानों को मौत की तारों के नीचे खड़े होकर फसलों की सिंचाई व कटाई करनी पड़ रही है ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है इस बात की चिंता उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है इसके बाद भी विभागीय अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। निगम क्षेत्र सिरगिट्टी से लगे ग्राम पंचायत कोरमी,बसिया ,हरदीकला, सिलपहरी सहित कई गांवो के ग्रामीण इन दिनों अपने खेतो मे बोए हुए धान की फसल की कटाई-मिजाई करने मे जुटे हुए है। वही उनके खेत के ठीक उपर से महज 7 से 8 फिट की ऊचाई पर 33 केबि हाई टेंशन तार झूल रही है जिसके चलते किसान अपनी जान हथेली मे रखकर अपनी मेहनत की कमाई को बटोरने मजबूर दिखाई दे रहें है। किसानो ने बताया की बिते वर्ष तार के निचे रखे पैरावट पर आग लग गई थी गनिमत रही की उसमे से धान की मिजाई की जा चुकी थी नहीं तो पुरे साल की मेहनत इस आग मे स्वाहा हो जाता किसानो ने आगे बताया की खेती के दौरान इस तार के चलते मजबूर होकर हमें हल से खेत की जूताई करनी पड़ती है। जिससे समय की बर्बादी के साथ ही कई समस्या का सामना करना पड़ता है यही वजह से अब तक हमारे खेतो मे धान की बाली अभी भी ठीक से पकी नहीं है। ग्रामीणों की माने तो अपने खेतो के उपर से हाई टेंशन की तारे हटाने विधुत मंडल के अधिकारियो को कई दफा लिखित ज्ञापन सौपा गया है परन्तु न जाने इस ओर किसी का ध्यान नहीं है हमारी समस्या का उचित समाधान नहीं हो पा रहा है।

(खेतो के मेड नहीं तो खेतो के बिचो बीच खडे पोल)
ग्रामीण अंचलो मे विधुत पोल न केवल खेतो मे मेड़ो मे बल्कि खेत के बिचो बीच लगे हुए है जिसमे से अधिकांश विधुत पोल मेंटेनेंस के आभाव मे जर्ज़र होकर पूरी तरह झुक गया है। जिसके चलते हाई टेंशन तार में एक तरफ खिचाव वही दूसरी ओर झुकाव आ चूका है। यही कारण है की कई किसानो के लिए यह मौत की तार साबित हो रही है डर के साए मे कई किसान खेती करने से डरते हुए खेती करना ही बंद कर दिए है।
( हाई टेंशन तार की चपेट में आया था किसान)
बिते वर्ष ग्राम पंचायत बसिया निवासी बैजू यादव उम्र 45 वर्ष खेत मे बकरी के लिए चारा तोड़ते हुए खेत के मेड से गुजरे हाई टेंशन तार की चपेट में आया था। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी इसी तरह ग्रामीण इलाकों मे कई विधुत दुर्घटना घटित होती है जिसका खामियाजा कभी इंसान तो कभी पशु भुगतते है।

