– 1100 दीपों से जगमगा उठा तालाब घाट।
– त्रिपुर सुंदरी मां मरीमाई मंदिर तालाब में आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य।
बिलासपुर सिरगिट्टी – उत्तर भारतीयों के लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा मे बुधवार को दीपदान के साथ ही गंगा मैया की महाआरती की गई। इस भव्य आयोजन को सम्पन्न कराने छठ पूजा आयोजन समिति द्वारा लोको कॉलोनी स्थित त्रिपुर सुंदरी मरी माई सिरगिट्टी तालाब को दुल्हन की तरह सजाया गया है। पूरा घाट आकर्षक लाइटों से सुसज्जित लोगों के बीच आकर्षण कर केंद्र बना हुआ है। छठ व्रतियों के द्वारा खरना के बाद 36 घंटे के लिए निर्जला व्रत रखा गया है। यह व्रत कठिन व्रतों में से एक है जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक के लिए होता है।

बुधवार को यहां दीपदान करते हुए 1100 दीपों को तालाब में प्रवाहित किया गया इसके साथ ही गंगा मैया की आरती उतारी गई पूरा घाट छठ पूजा के गीत से गूंजने लगा। इस दौरान उपस्थित अतिथियों के साथ ही आयोजन समिति के पदाधिकारी व सदस्यों ने हनुमान पाठ सहित हनुमान जी की आरती उतारी गई। आगे चलने वाले इन दो दिवसीय छठ पूजा में आज गन्ने से मंडप बनाकर डूबते हुए सूर्य देव को जल एवं दूध का अर्घ्य दिया जाएगा। जिसके बाद अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा इसके साथ ही व्रती अपना व्रत तोड़ेंगे व इस पर्व की खुशियां बाटेंगे। महाआरती व दिप दान के अवसर पर डॉ.राजकुमार खेत्रपाल,पवन साहु सहित आयोजन समिति से रवि पासवान,केशव झा,, तरुण अचारी,मनोज पाल,गणेश प्रसाद,संजय यादव,पुष्पेंद्र साहु,द्रोण सोनकलिहारी, सोमनाथ पांडेय,अरविंद ओझा,गिरीश साहु,सहित समिति के सभी सदस्य व पुरोहित पंडित गिरिजेश द्विवेदी सहित समिति के सभी सदस्य मौजूद रहें जहां भारी संख्या में व्रती शामिल हुए।
(1100 दिपो से बना सूर्य देव की प्रतिमा व स्वास्तिक )
आयोजन समिति के द्वारा पूजा स्थान पर 11 दिपो को फूलो से सुसज्जित कर भगवान सूर्य देव व स्वास्तिक की मूर्ति बनाई गई थी जो द्विप प्रज्वलित के बाद आकर्षण का केंद्र बन गया। यहां महिलाओ की आपार भीड़ उमड़ गई सभी ने अपने परिवार की सुख शांति के लिए समिति द्वारा व्यवस्था किए गए दिप को जलाकर दिप दान के साथ ही तालाब के जल मे प्रवाहित किए ।


