बिलासपुर।- पड़ोसियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला के खुदकुशी करने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है। प्रियंका सिंह ने जिन लोगों का नाम लिया है उन सभी को आरोपी बनाया गया है। इसके पहले पुलिस के अधिकारी ने महिला को विक्षिप्त बता कर मामले को डेल्यूट करने का प्रयास किया था। लेकिन SP के निर्देश पर जुर्म दर्ज कर लिया गया है और जांच का जिम्मा सिविल लाइन के CSP को सौंप दिया गया है। मामले में आज से आरोपियों से पूछताछ होगी।
घटना रविवार की दोपहर करीब 1 बजे की थी। दोपहर 12.40 बजे के आसपास रेलवे टीटीई अजय सिंह की पत्नी प्रियंका सिंह ने फेसबुक पर लाइव आकार अपने पड़ोसियों पर छेड़छाड़ और प्रताड़ना का आरोप लगाया फिर फांसी लगा ली। आत्महत्या से पहले उसने फेसबुक पर पोस्ट भी डाला था। जिसमे उसने आरोप लगाया कि ठेकेदार पप्पू यादव, समर्पण क्लीनिक के संचालक डॉ अजीत मिश्रा, नागुराव, एडवोकेट दिप्ती शुक्ला उसके पति अनिल शुक्ला, श्रीराम ज्वेलर्स का संचालक विवेक उर्फ विक्की अग्रवाल, नागोराव, साईं दरबार के पंडित और उसके बेटे की गुंडागर्दी, छेड़खानी से तंग आ गई हूं। उसका जीना मुश्किल हो गया है। तीन साल से वह ठीक से सो नहीं पा रही है। इसके बाद महिला ने बेडरूम में फांसी लगा ली। इसमें 11 लोगों के नाम हैं। पुलिस ने जिन लोगों को केश में आरोपी बनाया गया है उनमें ठेकेदार पप्पू यादव, समर्पण क्लीनिक के संचालक डॉ अजीत मिश्रा, नागुराव, एडवोकेट दिप्ती शुक्ला उसके पति अनिल शुक्ला, श्रीराम ज्वेलर्स का संचालक विवेक उर्फ विक्की अग्रवाल, नागोराव, साईं दरबार के पंडित और उसका बेटा शामिल है। पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है। एसपी रजनेश सिंह का कहना है कि पहले केस की जांच होगी। सोमवार को एसपी खुद मृतका के घर पहुंचे और मृतिका के परिजनों से बातचीत की। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि वीडियो में लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं। इस मामले की जांच सिविल लाइन सीएसपी अनिमेष सिंह करेंगे। आरोपियों के खिलाफ धारा 108 (3) (5) के तहत केस दर्ज किया गया है। फेसबुक लाइव को आधार बनाया गया है।

