– एक फोन करने पर सांप पकड़ने के लिए हो जा रहा हाजिर।
– लोगो को सांपो के भय से मुक्ति सहित सांपो की जान बचाना उद्देश्य ।
– सिरगिट्टी सहित आसपास के 50 किलोमीटर मे देते है नि: शुल्क सेवा।

कन्हैया कौशिक -(बिलासपुर)
जनसेवा के लिए बस जज्बा चाहिए इसे सिरगिट्टी क्षेत्र के एक युवक सुनील सिंह उर्फ़ सोनू साबित कर रहा हैं पेशे से युवक फर्नीचर दुकान संचालक है परन्तु मानो इसे सांप पकड़ने मे महारत हासिल हो जो एक फोन आते व सांप दिखे जाने की जानकारी मिलते ही अपने कार्यों से निकल कर जहरीले से जहरीला सांपों को पकड़ने पहुंच जाते हैं। और चंद मिनट के रेशक्यू कर सांपो को अपने बस मे कर लेते है सिरगिट्टी सहित आस पास 50 किलोमीटर तक के गांवो मे यह नाम जाना पहचाना है। जो बीते दस वर्षो से 6 हजार से भी अधिक सांपो को पकडकर लोगो को भय मुक्त कर चुके है ओ भी पूरी तरह नि:शुल्क इस जनसेवा के लिए इसके द्वारा किसी प्रकार की कोई राशि नहीं ली जाती है। बल्कि अपना नंबर सार्वजनिक कर इस स्थिति मे मुझे अपने परिवार का सदस्य मानते हुए बस एक फोन करने अपील कर रहे है। उनका कहना है कि सांप भी अन्य जीवों की तरह है उसे मारना उचित नहीं है लोग सांप देखते ही भयाक्रांत हो जाते हैं और उसकी जान ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से ही मन में यह भाव आया कि अपना निजी काम करने के साथ-साथ जनसेवा का भी बीड़ा उठाया जाए और उन्होंने घर या आसपास घूमने वाले सांपों को कई बार जान से मारते देखा था ऐसे में सांप और लोगों दोनों को बचाने का निश्चय किया। सुनील सिंह ने बिलासपुर के स्नैक रेशक्यू वेलफेयर सोसायटी से जुड़ कर सांपो को पकड़ने व सांप के काटने के दौरान उससे कैसे बचा जा सकता है यह सीखा युवक का कहना है कि हर व्यक्ति को अपने निजी कार्यों के अलावा कुछ सेवा कार्य जरूर चुनना चाहिए तभी समाज का कल्याण हो सकता है जितना बन पड़े सेवा देनी चाहिए।

(मददगार)
युवक सुनील का मुख्य उद्देश्य है सांपो के प्रति दहशत व मानसिकता को भगाना व बिना किसी नुकसान के सांपों की जान बचाना युवक सांपों को जीवित पकड़ उन्हें उसके साइज के हिसाब से बोरी या फिर प्लास्टिक के डिब्बे जिसमे आसानी से उसे हवा मिल सके उसमे भर जंगली क्षेत्र में छोड़ देता है ताकि लोगो के साथ वह भी निश्चित जी सके लोगों को भी इससे कोई तकलीफ न हो। युवक ने बताया की मेरे द्वारा कई लोगो को सांप पकड़ने ट्रेनिंग दिया गया है जो अपने अपने क्षेत्र मे जनसेवा मे जुट गए है। बताते चले की सुनील औसतन हर साल खास कर बारिश के मौषम मे 200 से अधिक सांपो को मरने से बचाता है कई लोग उसके नंबर को स्नैक मित्र के नाम से सुरक्षित कर रखे है युवक लोगो से सांपो को आहत या किसी प्रकार से नुकशान पहुंचाने से मना करते है।

(सांप किसानों का मित्र,पर्यावरण के लिए है उपयोगी ) युवक ने बताया कि सांप किसानों का मित्र है यह पर्यावरण के लिए जरूरी है सांप पर्यावरण चक्र का अहम हिस्सा है सांप के जरिए चूहे को नियंत्रित किया जाता है इससे फसल की रक्षा होती है लोगों में सांप के बारे में गलत धारणाएं हैं। सांप तभी हमला करता या काटता है जब उसे अपनी जान को खतरा है अधिकांश मामलो मे सांपो के काटने से नहीं बल्कि डर से लोगो की मौत होती है ज़ब सांप काटे तो सीधे अस्पताल जाकर उपचार कराए झाड फुक के झांसे मे न आए युवक ने यह भी बताया की रेशक्यु के दौरान कई बार सांप ने काटा परन्तु कोई हानि नहीं हुई जहरीले सांपो को बड़े ही सावधानी पूवर्क पकड़ा जाता है।

