लगातार मांग चुनाव बहिष्कार करने के बाद भी नहीं बनी सड़क।

बिलासपुर – शहर से लगे एक नगर पंचायत मे वहा के रहवासी वर्षो से सड़क सहित मुलभुत आवश्यकता के लिए तरस रहे है हालात यह भी है की सड़क के चलते गांव की बेटियों का विवाह तक नहीं हो पर रहा है। वर्षो से ग्रामीणों की मांग को उपेक्षित करने से नाराज ग्रामीणों ने बीते विधानसभा चुनाव बहिष्कार किया जहाँ एक भी मतदान का खाता तक नहीं खुला अब हॉलही मे लोकसभा चुनाव है परन्तु उनकी समस्याओ को देखने वाला कोई नही है एसे मे ग्रामीण स्थानीय नेताओं को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे है। शहर से लगे नगर पंचायत चकरभाठा का एक वार्ड ग्राम पंचायत दडहा है जहाँ की सड़क आज भी आदम जमाने की बनी पत्थर व मुरुम की है सरकार हर गांव मे पक्की सड़क का विस्तार करने का दावा करती है।

परन्तु इस गांव की मुख्य सड़क की स्थिति इतनी दयनीय है तो गांव मे विकास की दशा क्या होंगी महज गांव मे प्रवेश करने से ही पता चल जाएगा। ग्रामीणों की माने तो न ही उन्हें इस जर्जर सड़क से मुक्ति दिलाई जा रही है न ही इनका सुनने वाला कोई है आजादी के बाद से बसे इस गांव मे 25 वर्षो से लोग इसी सड़क का उपयोग कर रहे है जिस सड़क पर इस छोर से उस छोर तक बड़े बड़े पत्थर ही पत्थर नजर आ रहा है। सूखे दिनों मे जैसे तैसे लोग इस सड़क से आवागमन कर गुजारा कर ही लेते है परन्तु इनकी समस्या बारिश के दिनों मे बढ़ जाती है लोग दुर्घटना का शिकार होते है।

(निस्तारी नाली नहीं घरो का गंदा पानी सड़क पर बहते हुए तालाब को कर रहा दूषित) दड़हा मे न तो मुख्य सड़क आवागमन के लायक़ है न ही गांव की सड़क यहां पानी निस्तारी हेतु नालिया भी नहीं नहीं बनाई गई है जिसके चलते सड़क पर पानी बहते हुए कई जगह एकत्र हो रहा है। इसके साथ ही घरो का गंदा पानी निस्तारी तालाब मे एकत्र हो कर एक मात्र तालाब के पानी को दूषित कर रहा है यहां निस्तारी के लिए कोई अन्य व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग उसी दूषित तालाब पर निस्तारी करने मजबूर है।
(ग्रामीणों ने किया था चुनाव बहिष्कार)
हालही मे जिला प्रशासन मतदाताओ को सत प्रतिशत मतदान करने स्वीप कार्यक्रम के तहत लोगो को मतदान करने प्रेरित कर रहे है वही इसके विपरीत दडहा मे बीते विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव बहिष्कार के साथ ही बिना खाता खुले ही मतदान टीम को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान यहां पटवारी के खिलाफ लोगो ने मौर्चा खोल अन्य छेत्र से मतदाता लाने से आक्रोश लोगो ने उसे कार समेत बंधक बना लिया गांव पुलिस छावनी मे तब्दील हो गई। ग्रामीणों की माने तो उस दिन से आज तक कोई भी अधिकारी इस गांव कि तरफ रुख नहीं मोडा है न कोई नेता उनकी समस्या सुनने उन तक पहुंचा है।
क्या कहते है ग्रामीण

(सड़क के चलते बेटियों के विवाह मे समस्या – कलिया बाई लोधी)
दड़हा निवासी वृद्ध महिला कलिया बाई लोधी ने बताया की जबसे मै यहां विवाह होकर आई हु तबसे इस सड़क की स्थिति जस के तस है। सड़क के चलते गांव के बेटियों को देखने लडके वाले भी नहीं आते इस कारण कई बेटियां विवाह योग्य होने के बाद भी घरो मे है जो हमारे लिए विडंबना से कम नहीं है सड़क बेटियों के लिए भी ग्रहण बन गया है।

(25 वर्षो से इसी सड़क से होकर नाई का काम करने यहां आता हु- अर्जुन लाल श्रीवास)
बन्नाक चौक सिरगिट्टी निवासी अर्जुन लाल श्रीवास ने कहा की बीते 25 वर्षो से गांव मे छट्टी बरही कार्यक्रम सहित अन्य दिनों यहां नाई का काम करने आता हु। परन्तु इस गांव की सड़क जैसा इस छेत्र मे कोई सड़क नहीं है जबकि यहां दोनों ही पार्टी के नेता पूर्व व वर्तमान विधायक है जिनसे यह सड़क छुपी भी नहीं है।


