-गर्मी वाली देवी का महोत्सव शुरू: मान्यता है कि सोलापुरी माता गर्मी के प्रकोप से बचाती है
-शीतला माता की प्रतीक के रूप में होती है सोलापुरी माता की पूजा

बिलासपुर सिरगिट्टी-
सिरगिट्टी पोर्टर खोली मे बिते 21 वर्ष से श्री सोलापुरी माता पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं परंपरा अनुसार किसी भी शुभ कार्य का आरंभ दक्षिण भारत में राटा पूजा के साथ किया जाता हैं इस परंपरा का पालन करते हुए आयोजन समिति द्वारा शनिवार सुबह राटा पूजा का आयोजन किया गया। न्यू लोको कॉलोनी निवासी आर मनोज कुमार एवं आर प्रेमा के निवास पर सुबह पुजारी टी भास्कर राव ने विशेष पूजा अर्चना की जिसके बाद राटा पूजा शोभायात्रा निकाली गईं।

पारंपरिक डफली,ताशा के साथ निकली शोभायात्रा का स्वागत आतिशबाजी के साथ किया गया इस शोभायात्रा के साथ चल रहें काली नर्तक दल आकर्षण का केंद्र रहा रेल्वे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए शोभायात्रा आयोजन स्थल पहुंची जहां परंपरा पूर्वक मंत्रोचार के साथ खड़कपुर के पुजारी टी भास्कर राव के द्वारा काष्ठ पूजा की गई इसमें एक पेड़ के डंगाल की पूजा अर्चना की गई हैं जो पूरे आयोजन के वक्त मंच पर मौजूद रहेगा इस पूजा महोत्सव को सफल बनाने में समिति के सदस्य डी.राजा राव,एम.श्रीनू राव, पी. देवराजू,के.वेंकट राव,पी.शेखर राव, एम.प्रफूल,एन.संतोष कुमार,सदस्य गण बी.रमेश कुमार,अकलेश कुमार, जी.के.राव,के.माधव राव,जगदीश,बबलू सोनानी,ईश्वर राव,धीरज कुमार ,एन.सुरेश कुमार ,शिवा, सुशांत,गोविंदा ,सुशांत, पी. नागभूषण राव,कुणाल, धनराज ,मोटा ,सद्दाम,समस्त सदस्य गण का जुटे हुए है।


(दक्षिण भारत मे मनाए जाने वाले श्री सोलापुरी माता पूजा की सिरगिट्टी मे धूम)
दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले सोलापूरी माता महोत्सव की अब सिरगिट्टी में भी धूम मची है सिरगिट्टी से लगे पोर्टर खोली मे शनिवार को राटा पूजा के साथ देवी की स्थापना की गई है ऐसी मान्यता है। कि भीषण गर्मी में होने वाले विभिन्न रोग के प्रकोप से बचने के लिए दक्षिण भारतीय समुदाय की ओर से हल्दी व नीम के पत्तों से बनी माता के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। इसके साथ ही कुछ आयोजन के तहत महिलाओ को सम्मानित भी की जाती है इस पूजा मे न केवल दक्षिण भारतीय लोग शामिल रहते हैं स्थानीय लोग भी इस पूजा मे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है।


