– सिरगिट्टी के तीनों वार्डो मे विकास कोसो दूर।
– मुक्तिधाम,सार्वजनिक शौचालय की स्थिति दयनीय।
– सिरगिट्टी बजरंग चौक से मन्नाडोल तक की सड़क आज भी जस के तस।
– बजरंग चौक से लेकर मन्नाडोल तक की सड़क जर्जर मांग के बावजूद अनदेखा।
– सिर्फ टैक्स वसूली के लिए खुला वार्ड कार्यालय समस्या लेकर भटक रहें नागरिक

बिलासपुर – बिलासपुर नगर निगम की सीमा का विस्तार हुए लगभग पांच वर्ष होने को हैं परन्तु इतने वर्ष गुजरने के बाद भी अन्य वार्डो के तरह सिरगिट्टी के तीनों वार्ड के रहवासी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। यहा स्वीकृत कई कार्य कई महीनो से अधूरे पड़े हुए हैं कई इलाके मे नाली,पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है यहा के रहवासियों को सिर्फ भारी भरकम टैक्स के तले झोका गया हैं जबकी सुविधाए एक ग्राम पंचायत के बराबर हैं। शहर से लगा हुआ सिरगिट्टी पहले नगर पंचायत हुआ करता था लेकिन बिलासपुर नगर निगम सीमा का विस्तार के दौरान विरोध के बावजूद इसे नगरीय निकाय क्षेत्र में शामिल कर लिया गया।


उस समय दावा किया गया कि नए वार्डो मे चहुंमुखी विकास होगा परन्तु अन्य वार्डो के साथ ही सिरगिट्टी भी विकास के नाम पर अछूता रहा उस समय लोगो को महज यह कह कर शांत करा दिया गया की सिरगिट्टी मे भी हर तरह की सुविधाए मिलेगी लेकिन इस बात को पांच साल बीत चुके हैं लेकिन अभी तक क्षेत्र का विकास नहीं हुआ है आलम यह है कि लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित चल रहे हैं। सिरगिट्टी क्षेत्र के आबो हवा से रूबरू होने नवभारत ने क्षेत्र का जायजा लिया तब यहां की समस्या सामने आई यहा कोई भी काम सही ढंग से नहीं किया गया है। रहवासी आज भी उसी गंदगी से चलने मजबूर हैं जो लोगो के घरो से निकलकर सड़क पर जम रहा हैं शहरी विधुतीकरण मे दर्जा मिलने के बाद भी विधुत तार की मकड़जाल मे फसे हुए हैं। स्वास्थ्य सुविधा की बात करें तो कभी डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं होते तो कभी टेस्ट सहित दवा बाहर से लेनी पड़ती हैं यहा तक लोग मुक्तिधाम आने के बाद इस जर्जर मुक्तिधाम की स्थिति देख अधिकारियो के निष्क्रियता को सोच अचरज मे पड़े हुए हैं वही इस क्षेत्र सहित कुछ इलाको को बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक द्वारा नगर निगम से हटाकर नगर पालिका का दर्जा दिलाने की बात कही गई है अब देखना होगा ए कब तक सम्भव हो पाता है।

(मुक्तिधाम के सौंदर्यकरण को लगी निगम की नजर)
वर्षो से उपेक्षित की जाने वाले मुक्तिधाम को पार्षद पुष्पेंद्र साहु की पहल से सौंदर्य करण व अनेक विकास कार्य करने 37.46 लाख रुपए स्वीकृत की गई जिसके तहत दाहसंस्कार हेतु एक अतरिक्त सेड,अतरिक्त बैठकी सेड,शौचालय,खुला स्नानाग्रह, गेट,लैंड स्केपिंग ,उद्यान, बाउंड्रीवाल बनना था। जिसका कार्य भी बिते वर्ष चालु कर दिया गया परन्तु यह काम आधे काम पर ही अटक गया जिसका मुख्य कारण इस योजना के तहत राशि उपलब्ध न होना या पैसे का आभाव बताया जा रहा हैं पैसे का भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। फलस्वरूप मुक्तिधाम की हालही मे जर्जर स्थिति हैं चबूतरे जर्जर अवस्था मे हैं जिसके चलते लोग जमीन मे शव का दाह संस्कार करने मजबूर हैं शायद इस ओर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं हैं या फिर सब जानकार अनजान बने अपने कुर्सी पर बैठे हुए हैं अब इसमें जो आधा अधूरा निर्माण किया गया है ओ भी टूटने लगा है इस बंद कार्य को चालु करवाने किसी तरह की पहल होता नजर नहीं आ रहा है ।

(सौंदर्य करण को तरस रहा है क्षेत्र की तालाबे) निगम क्षेत्र सिरगिट्टी के तीनों वार्डो को मिलाकर लगभग 5 तलाबे हैं जिसमे से नयापारा स्थित बड़ा तालाब मे पानी भरने कोई पहल नहीं होने के कारण लोगो के घरो का गंदा पानी उसमे एकत्र हो रहा हैं। इसी तरह शारदा मंदिर स्थित एक हाथी डबरी हैं यह भी देख रेख के आभाव के चलते गंदगी से पट रहा हैं सिरगिट्टी स्थित बैजनथीया तालाब भी वर्षो से सूखे की मार झेल रहा हैं बन्नाक बूढा देव वार्ड मे एक तालाब हैं। जिसमे पानी भरा हुआ हैं परन्तु यह तालाब सौंदर्य करण का मोहताज हैं इसमें एक बोर के सहारे पानी भरा जा रहा है जो महिनो से बंद पड़ा हुआ है इसमें बोर सहित पचरी बनाने की आवश्कता हैं क्षेत्र मे तालाबो मे पानी भरे होने से पानी का लेबल अच्छा रहता हैं परन्तु निगम के आला अधिकारियो का मानो सिरगिट्टी इलाके से कोई वास्ता ही न हो।

(चौक का एकमात्र सार्वजनिक शौचालय कंडम) सिरगिट्टी के बन्नाक चौक सब्जी मंडी आदम जमाने के समय बनाई गई मात्र एक सार्वजनिक शौचालय हैं जिसकी दशा सालो से खराब हो चुकी हैं इसके दीवारे पुरी तरह जर्जर स्थिति मे ख़डी हुई हैं। सेप्टिक टैंक भर चुकी हैं परन्तु निगम के पास उतनी राशि ही नहीं की यहा एक दूसरी शौचालय की व्यवस्था की जा सके निगम ने उसका मरम्मत कार्य शुरू करवाया जिसके तहत सामने लगे प्लास्टर को उखाडा गया हैं सेप्टिक टैंक बनाने कई महीनों से गड्ढा खोदा गया हैं परन्तु इसका भी काम अब ठेकेदार द्वारा काफी दिनों से बंद कर दी गई है। फल स्वरूप एक ओर उसी जर्जर शौचालय का उपयोग लोग कर रहें तो वही दूसरी ओर टैंक के गड्ढे सहित ओवहर फ्लो के लिए बनाए गए बड़े बड़े गड्ढों मे छोटे बच्चे व मवेशी गिर रहें है जो कभी भी किसी अप्रिय घटना को निमत्रण दे सकता है ।

