कथा व्यास पंडित विक्रम अवस्थी ने भड़वनी विवाह गीत गाकर श्रोताओं का मन मोह लिया
बिलासपुर -{सिरगिट्टी}
बन्नाक चौक सेकंड इंनिंग खेल मैदान समीप आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन पं.विक्रम अवस्थी ने श्रीकृष्ण और रुकमणी का विवाह की अमृत वर्षा का श्रद्धालुओं को रसपान कराया श्रीमद् भागवत कथा के दौरान बीच में सुंदर-सुंदर झांकियां प्रस्तुत कीं। प्रतिदिन कथा की शुरुवात गणेश वंदना व माता सरस्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना कर की जा रही हैं। छठे दिन कथा व्यास श्री अवस्थी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन किया।

कथावाचक ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। जीव परमात्मा का अंश है इसलिए जीव के अंदर अपारशक्ति रहती है यदि कोई कमी रहती है वह मात्र संकल्प की होती है संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे उन्होंने कहा कि रुकमणी के भाई रुकमि ने उनका विवाह शिशुपाल के साथ सुनिश्चित किया था।

लेकिन रुक्मणी ने संकल्प लिया था कि वह शिशुपाल को नहीं केवल गोपाल को पति के रूप में वरण करेगी शिशुपाल असत्य मार्गी है और द्वारिकाधीश भगवान कृष्ण सत्य मार्गी है इसलिए वो असत्य को नहीं सत्य को अपनाएगी। उन्होंने कहा कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गईं कहने लगी हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था तो हम से प्रेम क्यों किया।

गोपी उद्धव संवाद,श्री कृष्ण एवं रुकमणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई इस मौके पर भजन आज मेरे श्याम की शादी है मे फूलो की वर्षा करते हुए ब्रज की होली खेली गई तत्पश्चात महा आरती में मानो श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी ।

