कन्हैया कौशिक – बिलासपुर
-त्रिपुर सुंदरी में तीन दिनों तक रहा मेले जैसा माहौल

बिलासपुर – सिरगिट्टी
नहाय खाय से शुरू हुए आस्था के महापर्व छठ पूजा पर्व का उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया छठ व्रत के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इस व्रत के पारण का विधान किया गया व्रती 36 घंटे के बाद अन्न जल ग्रहण किए। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन तप और व्रत के माध्यम से हर साधक अपने घर-परिवार और विशेष रूप से अपनी संतान की मंगलकामना कामना किए। इस दौरान सिरगिट्टी स्थित त्रिपुर सुंदरी मरी माई मंदिर घाट पर सोमवार के तड़के से ही लोगो का जनसैलाब उमड़ पड़ा दिवाली के बाद इस आयोजन में दूसरी दिवाली की झलक नजर आई। भक्ति और लोक आस्था का सूर्योपासना पर्व पर श्रद्धालु सूर्य के उदय होने का बेसब्री से इंतजार करते हुए कोई घुटनो तो कोई कमर भर पानी में घंटों तक खड़े रहे जैसे ही सूर्य देवता का उदय हुआ पुरा घाट सूर्य देव व मैया छ्ठी के जयकारो से गुंज उठा सूर्य के दर्शन देते ही व्रतियों ने उन्हें जल और दूध से अर्घ्य दिए आरती उतारी,सौंधी सौंधी पकवान की खुशबु से घाट महक उठा सभी एक दूसरे को इस पावन पर्व की बधाई देते हुए छट्ठी मैया के प्रसाद वितरण किए महिलाए भी झोली फैलाकर प्रसाद प्राप्त किए,छट पूजा महोत्सव समिति के द्वारा किए गए इस भव्य आयोजन मे प्रतिदिन संध्या व शाम कालीन माँ गंगे की भव्य आरती की गई जिसमे राजनेता,रेलवे के अधिकारी, पुलिस प्रशासन के अफसर भी सम्मिलित हुए ।
(छठ पूजा का आध्यात्मिक महत्व)
भले ही दुनिया कहती है कि जो उदय हुआ है उसका डूबना तय है लेकिन लोक आस्था के छठपर्व में पहले डूबते और बाद में दूसरे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का यही संदेश है कि जो डूबा है उसका उदय होना भी निश्चित है। इसलिए विपरीत परिस्थितियों से घबराने के बजाय धैर्यपूर्वक अपना कर्म करते हुए अपने अच्छे दिनों के आने का इंतजार करें निश्चित ही भगवान भास्कर की कृपा से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान मिलेगा ।

{ संतान प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है छठ पूजा }
छठ पूजा के दौरान शादीशुदा महिलाओं ने सूरज को अर्घ्य देकर संस्कारवान और स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए भगवान राम और सूर्यदेव से प्रार्थना की ऐसा माना जाता कि संतान प्राप्ति के लिए छठ पर्व का बड़ा महत्व है। कहते हैं इस व्रत से संतान सुख प्राप्त होता है वहीं जब पांडव राजपाट गंवाकर वन-वन भटक रहे थे तब भी द्रोपती ने संतान प्राप्ति के लिए छठ पूजा की थी।
(आयोजन को सफल बनाने इनका रहा सहयोग) प्रति वर्ष की भाति इस वर्ष भी इस भव्य आयोजन को सफल बनाने रवि पासवान,केशव झा,सोम पांण्डेय,मनोज पाल,तरुण अचारी,गणेश दास,सुनील पांण्डेय पार्षद पुष्पेंद्र साहु,सूरज मरकाम, अरविंद ओझा,द्रोड सोनकलिहारी,दिनेश कौशिक,हेमंत पाठक,राकेश सिंह,संजय यादव,पप्पू निर्मलकर सहित आयोजन समिति व नगर वाशियों सहित सिरगिट्टी पुलिस का भरपूर सहयोग रहा आयोजन के संयोजक नवीन सिंह व डॉ.राजकुमार खेत्रपाल रहें।

