कन्हैया कौशिक-प्रधान संपादक
।नव संवाद छत्तीसगढ़।

हजारो किलोमीटर जम्मू काश्मीर के दुर्गम पहाडी पर बिराजे माँ वैष्णो देवी
के दर्शन की आस लाखों भक्तों को होती है परन्तु माता के दर्शन को अधिकांश लोग नहीं पहुंच पाते। ऐसे भक्तों की आस पूरी करने नगोई के शर्मा परिवार ने ग्राम नगोई मे ही हूबहू माता वैष्णो देवी की न सिर्फ पिंड बनवाया है बल्कि मंदिर के प्रथम तल पर नौ दुर्गा की मुर्तिया भी श्रद्धांलुओं के दर्शन के लिए विराजमान कराए गए है। हुबहू वैष्णों देवी मंदिर के तर्ज पर इसका निर्माण भक्तों का आकर्षण बन रहा है। यहां पहुंचकर आपको लगेगा हम सचमुच माता वैष्णो देवी के मंदिर में है। संकरी पहाड़ की गुफा,दर्शन के मार्ग खोहनुमा जगह में विराजीं माता की पिंडी सब कुछ वैसा का वैसा ही । मन में माता के दर्शन की आस हो, हम हजारों किलोमीटर दूर तय नहीं कर सकते तो एक बार इस मंदिर में जरूर पहुंचे। नगोई में इस मंदिर का निर्माण शर्मा परिवार ने कराया है। कांग्रेस नेता व शिक्षाविद् स्व.बसंत शर्मा के भाई संजय शर्मा अधीक्षण अभियंता पीएमजीवाई ने बताया कि उनकी खुद की इच्छा वैष्णो देवी दर्शन की 1984 में बनी किसी न किसी कारण यह टलता गया। 1994 में दस साल बाद संयोग बन तक वे वैष्णो देवी के दर्शन कर सके। इसके बाद उनके लगातार वह प्रतिवर्ष पिछले तीस सालों से माता के दर्शन के लिए जाते हैं। संजय शर्मा ने बताया कि उनके मन में यह विचार आया कि मेरी तरह हजारों लोग है जिनकी इच्छा पूरी नहीं हो पाती। खासकर उम्रदराज लोग चाहकर भी वहां नहीं पहुंच पाते। क्यों न हम अपने आसपास वैष्णो देवी मंदिर का निर्माण करा दें जिससे सभी भक्तों की आस पूरी हो सके। माता की कृपा से यह मंदिर बनकर तैयार हो गया जहाँ प्रतिदिन श्रद्धांलू दर्शन को पहुंच रहें है ।
(2000 वर्ग फीट में बना है मंदिर)
बैमा नगाई पौसरा मार्ग में मुख्य सड़क से लगा 2000 वर्ग फीट में माता का यह सुंदर मंदिर बना है। इसका निर्माण 2017 से शुरू हो गया था। लगभग 6 साल बाद पूरी तरह से बनकर तैयार हुआ। पिछले माह 26 जून को ही मंदिर में प्राण- प्रतिष्ठा के बाद भक्तों को माता के दर्शन मिल रहे हैं। मां वैष्णो देवी के पिंडी के साथ ही नवदुर्गा, द्वादश ज्योर्तिलिंग, गणेशजी, कार्तिकजी, बजरंगबली, भैरव बाबा की सुंदर मूर्तियां मंदिर में स्थापित है।
(जम्मू के कटरा से आए थे कारीगर)
संजय शर्मा ने बताया कि माता के मंदिर का निर्माण इसमें लगने वाली सामग्री तो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो गए। वहीं मंदिर के मुख्य हिस्सा खासकर माता के गर्भगृह के निर्माण के लिए माता वैष्णो देवी मंदिर कटरा से 5 कारीगर विशेष तौर पर आए थे। गुफा व पिंडी स्थल के निर्माण इन कारीगरों ने बहुत ही सूक्ष्मता व कलाकारी से लगभग 8 दिन में तैयार किया। इस मंदिर का ड्राइंग डिजाइन खुद संजय शर्मा ने तैयार किया है।


