बिलासपुर / टेक्नोसिस कंप्यूटर एजुकेशन सिरगिट्टी के द्वारा एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत माता शबरी की जन्मस्थली शिवरीनारायण और महान संत गुरुघासी दास की तपोभूमि गिरौदपुरी का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। बताते चले की उक्त संस्था के द्वारा 19 वर्षो से प्रतिवर्ष स्वेक्षित रक्तदान शिविर के साथ ही क्षेत्र मे पौधा रोपण का कार्य किया जा रहा है।

संस्था प्रमुख संतोष यादव की माने तो वे संस्था मे प्रशिक्षण लेने वाले छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थलों व उनकी महत्ता के बारे मे जागरूक करने के उद्देश्य से बीते कई वर्षो से पहल करते आ रहें है। भ्रमण के दौरान सभी को बताया गया की प्रभु राम ने अपने वनवास काल के 14 वर्षों में से लगभग 10 वर्ष से अधिक समय छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों पर व्यतीत किए थे उसमे से एक स्थान शिवरीनारायण भी है।

जहाँ माता शबरी ने प्रभु की राह मे अपना सर्वत्र त्याग दिया प्रभु को अपने जूठे बैर खिलाए वही अब इस स्थान को छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी माना जाता है। जहाँ शाही स्नान मे छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के साधु संत और श्रद्धालु शामिल होते हैं। गिरौदपुरी के बारे मे अवगत कराते हुए कहा की यह सतनामी पंथ के संस्थापक गुरु घासीदास की जन्मस्थली है इस धाम में कई पवित्र स्थल हैं जिनमें जैतखाम,चरण कुंड, अमृत कुंड, पंचकुंडी,और छाता पहाड़ शामिल हैं।

