– रेलवे कोचिंग डिपो मे करंट की चपेट मे युवक की हुई मौत मामला गरमाता जा रहा।
– पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को नहीं दिया गया शव हुआ हंगामा।
– मामले को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के तहत लिया संज्ञान।
बिलासपुर / बिलासपुर रेलवे कोचिंग डिपो मे हाई टेंशन तार की चपेट मे आए मुलमुला निवासी प्रताप बर्मन के मौत के बाद परिजन व ग्रामीण उचित न्याय की गुहार लगा रहें है। वही इस मामले को माननीय हाईकोर्ट ने भी जनहित याचिका के तहत संज्ञान मे लिया है वही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने मुलमुला गांव के ग्रामीण सड़क पर उतर चुके है जों बीते गुरुवार रात से बिलासपुर डीआरएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए है। वही युवक की मौत के बाद शुक्रवार को युवक के शव का जिला अस्पताल मे पोस्टमार्टम किया गया।
इसके लिए सुबह 10 बजे परिजनों को बुलाया गया था जहाँ मृतक के परिजन तो पहुंचे परन्तु पंचनामा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं था। कुछ घंटे के बाद पंचनामा रिपोर्ट आई जिसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई परिजन मृतक के शव को अस्पताल से ही कंधे मे जाने बास की अर्थी बना लिए। यहां युवक के पत्नि,भाई के साथ ही सैकड़ो की संख्या मे ग्रामीण मृतक को कन्धा देने पहुंच गए। यहां जितनी भीड़ ग्रामीणों की रही उतनी ही भीड़ पुलिस की जुट गई देखते ही देखते यह इलाका पुलिस छावनी मे तब्दील हो गई। घंटो तक यहां गहमा गहमी का माहौल रहा पुलिस परिजनों को समझाते रहें की शव को यहां से नहीं घर से ले जाना परन्तु मृतक के पत्नि भाई व ग्रामीण इस बात पर डटे रहें की हम यही से अपने भाई का शव कंधे पर ले जाएंगे। इस बात पर पुलिस प्रशासन के साथ परिजन ग्रामीणों की काफी समय तक बहस हुई अंत मे परिजन बिना शव लिए ही जिला अस्पताल से बाहर निकल गए।
(हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान तीन दिनों के भीतर जवाब के दिए निर्देश)
इस मामले मे रेलवे की लापरवाही को देखते हुए माननीय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश रमेश सिन्हा व न्यायधीश बीड़ी गुरु की डिवीजन बैच ने इस मामले को जनहित याचिका के तहत संज्ञान लिया है। साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जी एम से तीन दिवस के भीतर इस मामले मे जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
(शव नही मिला तो कंधे मे खाली अर्थी निकाले) पुलिस प्रशासन के द्वारा इस तरह शव नहीं ले जाने देने के बात से आक्रोषित परिजन व ग्रामीण भी अपनी बातो पर अमल रहें जों मृतक के शव को यहां से ही ले जाने की बात के साथ ही उसे शहीद मानते हुए उसे पुरे सम्मान के साथ कंधे पर ले जाने साथ ही इसके लिए कंधे देने वालो की कमी नहीं है कहते हुए अड़े रहें जब पुलिस उनकी बात नहीं सुने तब मृतक के पत्नि के साथ ही ग्रामीण मौके पर बनाए बास की अर्थी को बिना शव रखे ही पैदल जिला अस्पताल से बिलासपुर डीआरएम कार्यालय लेकर दो लाइनो मे कतार वध चलते हुए पहुंच गए और पुनः धरने पर बैठ गए।
(पुरा गांव उजड़ा युवक को न्याय दिलाने)
जानकारी के मुताबिक युवक की मौत के बाद मुलमुला का वह इलाका युवक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए उजड़ गया है। सभी बीते दो दिनो से डीआरएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए है यहां मृतक के माता-पिता दूध मुँहा बच्चा ,पत्नी, भाई,बहन के साथ ही न सिर्फ युवा,पुरुष- महिलाए बल्कि पुरा गांव एकत्र हो गया है। जिसमे भीम सेना के सदस्य भी सक्रिय है बीते दो दिनों से यहां धरने पर बैठ कर रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के साथ ही परिवार को उचित न्याय दिलाने की मांग पर डटे हुए है।
(रेलवे सहित बिलासपुर पुलिस ने झोक दी ताकत) उक्त मामले मे जहाँ एक तरफ रेलवे पुलिस बल रेलवे अधिकारियो के बंगले के सामने के साथ ही बिलासपुर डीआरएम व सीनियर डीसीएम कार्यालय मे डटे हुए है। वही दूसरी ओर बिलासपुर एसपी के साथ ही सीएसपी व थाना शिविल लाईन, सिरगिट्टी,सिटी कोतवाली,तोरवा सरकंडा के थाना प्रभारी के साथ ही सभी थाने के बल जिला अस्पताल मे उस वक़्त मौजूद रहें जब युवक का पोस्टमार्टम कर शव देने की तैयारी चल रही थी।
(क्या है परिजन व ग्रामीणों की मांग)
परिजनों व ग्रामीणों की मांग है की युवक रेलवे मे ठेका कर्मी के रूप मे काम करता था रेलवे और ठेकेदार की लापरवाही के कारण युवक करंट की चपेट मे आया है। वही उसके उपचार के दौरान लोगों की मांग थी की उसका समुचित उपचार हो सके परन्तु रेलवे व ठेकेदार के ढुल मूल रवैए के कारण उसकी मौत हो गई ग्रामीण उसे न्याय मिले। व मृतक के माता पिता के साथ ही पत्नि व नंन्हे बच्चे के पालन पोषण के लिए उचित मुवावजे के साथ ही मृतक की पत्नि को स्थाई नौकरी मिले ताकी गुजर बसर हो सके। परन्तु दो दिनों के बाद भी उनकी मांग पुरी नहीं हो रही है न ही रेलवे के आला अधिकारी उनकी मांगो पर ध्यान दे रहें है।

