बिलासपुर। रतनपुर बारीडीह के पास एक पेट्रोल पंप के पास फिर तेज रफ्तार हाईवा से कुचलने से सड़क पर बैठी 17 गायों की मौत हो गई। वही 5 गायें बुरी तरह घायल हो गई। ये हादसा सोमवार रात की बताई जा रही है, घटना के बाद आरोपी वाहन चालक फरार बताया जा रहा रतनपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वाहन चालक तेज रफ्तार में था और उसने गायों को बचाने की कोशिश नहीं की. इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. यह घटना छत्तीसगढ़ में गौवंशों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय है. ये स्थिति तब है जब हाईकोर्ट फटकार लगा चुका है कि प्रशासन मवेशियों के उचित प्रबन्धन करे इसके बाद जहा इस तरह हादसा होगा वहाँ के अफसर जिम्मेदार होंगे, कलेक्टर भी मवेशियों के उचित प्रबन्धन के निर्देश दे चुके,दो दिन पूर्व ही शहर के दयालबंद में कार से बेरहमीपूर्वक कुचलने से एक बछड़े की मौत हो गई थी।
सीजीडीएनए भी लगातार सड़क पर पसरे मवेशियों को लेकर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने प्रयास कर चुका है
(मवेशी मालिको पर भी हो कार्रवाई)
कहते है गौ माता के शरीर मे 36 कोटि देवी देवताओं का वास होता है, इसके बाद भी गौ माताएं लगातार इस तरह बेरहमी से कुचले और मारे जा रहे तो कभी राहगीर इनसे टकराकर घायल हो रहे मर रहे, पर मवेशियों के उचित प्रबन्धन नही हो पा रहा।
(हवा हवाई मे नियम मौत के मुँह मे समा रहें मवेशी)
चाहे ये सरकार हो या पूर्ववर्ती सरकार दोनो सरकारें मवेशियों के प्रबन्धन में नाकाम रही है। अच्छा होगा कि गौ सेवा का काम कर रहे युवाओं को जमीन और फंड देकर इसका निदान किया जाए, इससे जहाँ गायों का उचित संरक्षण होगा और बेरोजगारों को काम और गौ सेवा का अवसर मिलेगा मवेशियों के उचित प्रबन्धन भी होगा।
(हाईवा चालक फरार प्रशासन की चुप्पी निंदनीय)
घटना के बाद हाईवा चालक मौके से भाग खड़ा हुआ। रतनपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची जरूर, लेकिन अब तक उस पापी चालक का कोई सुराग नहीं लगा सकी है।प्रशासन और कानून व्यवस्था की इस विफलता पर सवाल उठना लाज़मी है।

