– एक साथ तीन- तीन पानी टैंकर बावजूद नहीं हो पा रही पानी की पूर्ति।
– पानी की समस्या पूर्ति करने लोग काम तो बच्चे स्कूल जाना छोड़े।
बिलासपुर/ भीषण गर्मी के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र सरगिट्टी में पानी की समस्या को लेकर हायतौबा मचा हुआ हैं लोगों की दिनचर्या में पानी की व्यवस्था प्राथमिकता से शामिल हो गई है स्थिति यह हैं की पानी की समस्या व पूर्ति को देखते हुए लोगों ने मजदूरी तो स्कूली बच्चे स्कूल जाना तक छोड़ दिए हैं। वर्तमान मे उनकी दिनचर्या की सबसे अहम जरूरत पानी बन गई हैं अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो वो दिन दुर नहीं जब सिरगिट्टी की जनता पानी के लिए त्राहिमाम करते नजर आएँगे। क्योंकि सिरगिट्टी इलाके मे पानी की समस्या इसी साल नहीं विगत कई वर्षो से जारी हैं यहां कई करोड़ो रुपए की जल आवर्धन योजना गर्मी के दस्तक देते ही दम तोद देती हैं। बावजूद निगम के संबंधित उच्च अधिकारी गर्मी पूर्व इस समस्या से निपटने किसी प्रकार की कोई पहल करते दिखाई नहीं पड़ते जिसका खामियाजा लोगों को गर्मी के शुरुआत होने के साथ ही भुगतना पड़ता हैं। सिरगिट्टी के तीनो वार्डो मे पानी कि समस्या से रहवासी जुझते हैं परन्तु सबसे ज्यादा पानी की किल्लत वार्ड क्रमांक 12 के नयापारा,नजर लाल पारा,बन्नाक चौक मे होती हैं। ऐसा कोई साल नहीं गुजरा की गर्मी के साथ ही यहां की पानी टंकिया ड्राई न हुई हो बोर सूखे न हो लोग पानी की पूर्ति के लिए कई महीनो तक निगम के टैंकर पर आश्रित हो जाते हैं इसके साथ ही एक दिन की भरी हुई पानी को अगले दिन भी उपयोग मे लाना इनकी मजबूरी बन जाती हैं। 


(सुबह से रात तक टैंकर से पानी सप्लाई बावजूद नहीं हो रही पानी की पूर्ति)
सिरगिट्टी के वार्ड क्रमांक 10,11 मे कम तो वार्ड 12 के नयापारा मे पानी की विकराल समस्या आन पड़ी हैं यहां सुबह होते ही लोग पानी के लिए भटकते नजर आ रहें हैं। हालात यह हैं की यहां सुबह एक साथ तीन टैंकर लेकर पानी वाहक लोगों को पानी देने पहुंच रहें हैं। मंगलवार को भी इसी तरह का नजारा देखा गया जब यहां नवभारत की टीम पहुंची तो तीनो टैंकर मे लोगों की लाइन लगी हुई थी। कोई एक बाल्टी पानी के लिए टैंकर पर चढ़ जा रहा था तो महिलाए एक दूसरे से लड़ाई करते एक बाल्टी पानी के लिए जद्दोंजहद करते दिखाई दे रहें थे। यहां तीनो टैंकर महज 10 मिनट मे खाली हो गया जबकि कई लोगों को एक बाल्टी पानी तक नसीब नहीं हुई।
वार्ड 12 के नयापारा मे एक गली पर सभी लोग पानी भरते थे परन्तु यहां एक टैंकर से महज 20 प्रतिशत लोगों को ही पानी मिल पा रहा था समस्या को देखते हुए अगले दिन दो टैंकर पानी भेजा गया परन्तु ओ भी कुछ मिनट मे खाली हो गया। जिसके बाद महज 100 मीटर की दुरी मे मंगलवार को एक साथ तीन टैंकर से पानी की पूर्ति करने भेजा गया परन्तु यहां स्थिति यह देखा गया की कुछ महिलाए अन्य महिलाओ को आगे वाले टैंकर से पानी भरो बोलकर पानी देने से इंकार कर दिए जिसे देख अंदाजा लगाया जा सकता हैं की यहां भी दोनों पार्टियों की तरह वर्चस्व की लड़ाई भी हावी हैं।

(कुएं प्यासे तालाब सूखा कैसे होगा जल संरक्षण)
सिरगिट्टी के तीनो वार्डो मे कुल 9 तालाब हैं जिसमे से सिर्फ एक बन्नाक तालाब मे पानी भरा हुआ हैं परन्तु अब उसमे से भी पानी तेजी से सूखते जा रहा हैं जबकी कई तालाब मैदान मे तब्दील हो चुकी हैं। नगर निगम द्वारा कुछ वर्ष पहले मकान बनने से पूर्व लोगों के लिए वाटर हार्वेस्टर निर्माण पर जोर दिया गया था परन्तु अब ओ भी ठंडे बस्ते मे जा चुका हैं पहले कुएं प्यास बुझाते थे आज वे खुद अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। तालाबों का संरक्षण जरूरी है जलस्रोतों की मरम्मत और उन्हें नया जीवन देने पर काम होना चाहिए सरकार अपनी योजनाओं की समीक्षा करे और जरूरी सुधार करवाए।

