– गोविन्द नगर से नयापारा, पांडव भवन जाने वाली सड़क पर रेलवे ने किया बाउंड्रीवाल।
– अगर रेलवे नहीं सुनी लोगो की फरियाद तो आक्रोषित लोग करेंगे डी आर एम का घेराव।

बिलासपुर// बिलासपुर रेलवे द्वारा बिना वैकल्पिक रास्ता निकाले बैगेर ही लोगो के आवागमन करने वाले निस्तारी रास्ता को बंद कर दिया गया है जिसके चलते उस मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों के मध्य सड़क की समस्या आन ख़डी हो गई है। यहां की जानता रेलवे के खिलाफ एक बार फिर आक्रोषित नजर आ रही है लोगो की सिर्फ एक ही मांग वैकल्पिक रास्ते की है जिससे लोग सुचारु रूप से आवागमन कर सके। इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार सिरगिट्टी गोविन्द नगर से होकर रेलवे स्टेशन सहित पांडव भवन की ओर जाने वाली सड़क जिसमे लोग विगत कई वर्षो से आवागमन करते थे उस सड़क पर रेलवे द्वारा दीवार ख़डी कर दी गई है। जबकि रेलवे द्वारा लोगो के आवागमन के लिए किसी प्रकार की निस्तारी रास्ते की व्यवस्था नहीं कराया है। इस निस्तारी रास्ते के अचानक बंद होने से वर्तमान मे तीनो वार्डो के रहवासी जो इस सड़क पर निर्भर थे उन सभी के बिच सड़क की बड़ी समस्या आन ख़डी हो गई है। इस रास्ते से न केवल यहां के रहवासी रेलवे स्टेशन,मरी माई मंदिर सहित वार्ड क्रमांक 11,12 नयापारा पहुंचते थे बल्कि स्कूली छोटे बड़े बच्चे संतोषी मंदिर से गोविंद नगर के रास्ते सिरगिट्टी बन्नाक चौक व सिरगिट्टी बस्ती के साथ ही शहर स्थित शैक्षणिक संस्थान पहुंचते थे। लोगो ने कहा की यह केवल असुविधा की बात नही बल्कि बच्चों की सुरक्षा और महिलाओं की सुविधा का सवाल है जिन्होंने एक बार फिर आवाज बुलंद करते हुए रेलवे प्रशासन से निस्तारी रास्ते की मांग कर रहें है। रेलवे के संबंधितो को लोगो की इस समस्या का समाधान करते हुए वैकल्पिक रास्ता बनाने की जरूरत है ताकि आमजन को राहत मिल सके और बच्चे महिलाए सुरक्षित रूप से आ जा सकें।

(सड़क बंद होने से लोगो की समस्या बढ़ी)
उक्त सड़क के बंद होने से न केवल यहां के निवासी बल्कि स्वास्थ्य सुविधा हेतु एम्बुलेंस को भी कई कई किलोमीटर घूमना पड़ेगा। यह सड़क यहां के लिए संजीवनी का काम कर रहा था सड़क बंद होने से अब आम जनता के साथ ही बच्चों एवं महिलाओं को मजबूरन शिव दुकान होकर बिजली ऑफिस वाली जर्जर सड़क से आना-जाना पड़ेगा जो मार्ग पिछले 17 वर्षों से पूरी तरह से उपेक्षित है। इसके साथ ही सिरगिट्टी शराब भट्टी के पिछे वाली सड़क का लोग न चाह कर भी उपयोग करने मजबूर दिखेंगे जो सड़क रात्रि व दिन हर समय पुरी तरह सुनसान रहता है। पूर्व मे यहां बस्ती हुआ करता था परन्तु रेलवे द्वारा उन्हें भी यहां से हटा दिया है अब यह सड़क पुरी तरह असुरक्षित है।

(रेलवे चाहे तो सड़क को आगे बढ़ा कर समस्या से दे सकती है छुटकारा) उक्त सड़क को बंद करने से लोगो को होने वाली इस समस्या का समाधान चाहे तो रेलवे कर सकती है। दरअसल जिस सड़क को बिच से बाधित की गई है उसी सड़क को लगभग 100 मीटर आगे बढ़ा कर सिधे गोविन्द नगर के तरफ खोल दे तो लोगो को आवागमन हेतु सड़क मिल जाएगी जिससे लोगो की समस्या का समाधान हो जाएगा।

